अक्षित शर्मा बने शतरंज के बादशाह: चेयरमैन कप अंडर-19 में डीपीएस मेरठ रोड की ऐतिहासिक जीत

• 24 प्रतिभागियों में बाजी मारकर अक्षित ने दिखाया धैर्य, रणनीति और प्रतिभा का अनोखा संगम
• सभी मुकाबलों में जीत दर्ज कर कब्जा किया शीर्ष स्थान, स्कूल और परिवार में जश्न का माहौल
• डीपीएस मेरठ रोड की दमदार टीम प्रदर्शन के केंद्र में रहे अक्षित, रैंक-1 पर किया शानदार कब्जा
• अक्षित की प्रतिभा के आगे बड़े खिलाड़ी भी हुए मात, 2200 प्रदर्शन रेटिंग ने सबको किया प्रभावित

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। 64 खानों वाले शतरंज के प्राचीन खेल में नई ऊर्जा और युवा प्रतिभाओं का जज्बा देखने को मिला डीपीएसजी मेरठ रोड में चेयरमैन कप अंडर-19 शतरंज प्रतियोगिता 2025 (लड़के और लड़कियाँ) आयोजित किया गया। शुक्रवार को हुए रोमांचक और प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों में न सिर्फ टीमों ने बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी खिलाडिय़ों ने अपनी रणनीति, कौशल और गहरी सोच का भरपूर प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का यह पाँचवाँ संस्करण इस बात का प्रमाण बना कि गाजियाबाद शतरंज की नई प्रतिभाओं का केंद्र बनता जा रहा है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में कुल 6 टीमों और 24 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें डीपीएसजी मेरठ रोड, डीपीएसजी वसुंधरा, डीपीएसजी फरीदाबाद, डीपीएसजी पालम विहार, सेलकुई अंतरराष्ट्रीय विद्यालय देहरादून और डीपीएसजी सुशांत लोक शामिल थे। सभी टीमों ने बेहद संगठित और समझदारी से खेलते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। लेकिन सबसे अलग और प्रभावशाली प्रदर्शन रहा डीपीएस मेरठ रोड की टीम का, जिसने पूरे टूर्नामेंट में शानदार तालमेल और रणनीति के साथ विजेता टीम का खिताब अपने नाम किया।

डीपीएस मेरठ रोड के कक्षा 9वीं के छात्र अक्षित शर्मा इस टूर्नामेंट के सबसे चर्चित खिलाड़ी रहे। अक्षित ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया और सभी मैच जीतकर व्यक्तिगत प्रथम स्थान पर कब्जा जमाया। उनकी मौजूदा आधिकारिक रेटिंग 1543 है, जबकि इस प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन 2200 रेटिंग के आसपास आंका गया, जो उनकी प्रतिभा का स्पष्ट परिचायक है। अक्षित का एफआईडीई रेटिंग आईडी 531002340 है। सिर्फ 3 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल कर अक्षित ने यह साबित कर दिया कि उम्र भले ही छोटी हो, लेकिन उनका खेल अनुभव, रणनीति और मनोबल बड़े खिलाडिय़ों को भी मात देने का दम रखता है। अक्षित की खासियत यह है कि वे अक्सर अपनी उम्र से बड़े और अनुभवयुक्त खिलाडिय़ों को भी मात देकर चौंका देते हैं। शतरंज में उनकी गहरी समझ और चालों की सटीक भविष्यवाणी उन्हें विशेष बनाती है। पिछले डेढ़ साल में वे 50 से अधिक ट्रॉफियाँ और प्रमाणपत्र जीत चुके हैं, जो उनके लगातार बढ़ते ग्राफ और मेहनत का परिणाम है।

माता-पिता का गर्व- ‘हमारा बच्चा लगातार शहर का नाम ऊँचा कर रहा है ‘
अक्षित की इस जीत पर उनके माता-पिता गदगद हैं। उनकी माँ प्रीति शर्मा, जो गृहणी हैं, कहती हैंअक्षित ने बचपन से ही शतरंज में रुचि दिखाई है। वह घंटों बैठकर चालों का अभ्यास करता था। आज उसकी मेहनत देखकर हमें बेहद गर्व होता है। उसने सिर्फ हमारे नहीं, पूरे गाजियाबाद का नाम रोशन किया है। वहीं उनके पिता मनोज शर्मा का कहना है कि हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा अपनी मेहनत से आगे बढ़े। अक्षित ने अपनी लगन और अनुशासन से इसे सच कर दिखाया। हम उसके हर कदम पर साथ खड़े हैं। अक्षित की सफलता के पीछे पारिवारिक सहयोग और प्रोत्साहन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

विद्यालय प्रबंधन भी उत्साहित
डीपीएसजी मेरठ रोड के प्रबंधन और शिक्षकों ने भी अक्षित की इस शानदार उपलब्धि पर खुशी जताई। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि अक्षित जैसे छात्र न सिर्फ विद्यालय का बल्कि पूरे जिले का गौरव बढ़ाते हैं। वे बच्चों में शतरंज जैसी मानसिक खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, ताकि उनसे उनके तर्क-बुद्धि और धैर्य का विकास हो। इस प्रतियोगिता में टीमों ने शानदार तालमेल और रणनीति का प्रदर्शन किया। सभी मुकाबलों में खिलाडिय़ों ने गहरी सोच और उत्कृष्ट योजना बनाकर अपने प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती दी। शतरंज प्रेमियों और आयोजकों ने खिलाडिय़ों के कौशल की खुलकर प्रशंसा की। डीपीएस मेरठ रोड की टीम की जीत इस बात का प्रमाण रही कि संगठित खेल और सूझबूझ किसी भी टीम को विजेता बना सकती है। वहीं अक्षित शर्मा का व्यक्तिगत प्रदर्शन इस प्रतियोगिता का सबसे बड़ा आकर्षण रहा।

युवा प्रतिभाओं को मिला बेहतर मंच
आयोजन समिति के अनुसार, इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ युवा खिलाडिय़ों को सीखने, अनुभव प्राप्त करने और अपने कौशल को निखारने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती हैं। गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्र में शतरंज जैसी मानसिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की बड़ी संभावनाएँ हैं। युवा खिलाड़ी न केवल प्रतिस्पर्धा का आनंद लेते हैं, बल्कि उनके भीतर तर्क शक्ति, मानसिक एकाग्रता और धैर्य भी बढ़ता है।