-श्री राम जन्म प्रसंग और रामकथा महिमा ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर, 21 दिसंबर तक चलेगा भक्ति और श्रद्धा का महायज्ञ
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। श्री सत्यानारायण मंदिर, ब्रिज विहार में शनिवार को आस्था, श्रद्धा और भक्ति के महासागर के बीच भव्य श्री रामकथा का शुभारंभ हुआ। श्री सत्यानारायण मंदिर ट्रस्ट (रजि.) परिवार की ओर से आयोजित इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत प्रात: भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ की गई, जिसने पूरे क्षेत्र को राममय वातावरण से सराबोर कर दिया। सुबह 9 बजे मंदिर प्रांगण से निकली कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरुष शामिल हुए और सिर पर कलश धारण कर जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष के साथ नगर भ्रमण किया। कलश शोभा यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और राम नाम के जयकारों से पूरा ब्रिज विहार क्षेत्र भक्तिरस में डूब गया। यात्रा में पार्षद विनय चौधरी सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने सहभागिता की, जिससे आयोजन की भव्यता और भी बढ़ गई।
शोभा यात्रा के समापन के बाद विधिवत पूजन-अर्चन के साथ श्री रामकथा का प्रथम दिवस प्रारंभ हुआ। कथा व्यास परम श्रद्धेय पं. श्रीकांत पाण्डेय जी ने श्री रामकथा की महिमा का भावपूर्ण और प्रेरणादायी वर्णन करते हुए कहा कि श्री रामकथा केवल एक कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को मर्यादा, सत्य, धर्म, कर्तव्य और आदर्शों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला जीवन दर्शन है। प्रथम दिवस की कथा में भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का अत्यंत हृदयस्पर्शी वर्णन किया गया। अयोध्या नगरी में प्रभु श्रीराम के अवतरण पर छाए आनंद, उल्लास और उत्सव का ऐसा सजीव चित्रण हुआ कि श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर उपस्थित भक्तों ने भक्ति भाव में डूबकर राम नाम का गुणगान किया और पूरा वातावरण राममय हो गया।
आज की कथा के यजमान पवन अग्रवाल एवं विमला सुनिल यादव रहे, जबकि प्रसाद वितरण का पुण्य कार्य शंकरपाल सिंह, आनंद कुकरेजा एवं कन्हैया सिंह द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में समिति के एम.पी. शर्मा, ललन जी, ध्रुव कुमार, शशिकांत तिवारी, विभूति यादव, वीरेंद्र सिंह, विपुल भदौरिया, अशोक पांडेय, रणविजय सिंह, विकास राजपूत, रामशक्ल यादव, प्रदीप मित्तल, जगदीश्वर प्रसाद, मदन कुमार, अरुण कुमार सहित सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
श्री रामकथा का आयोजन 13 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक किया जाएगा। प्रतिदिन सायं 4 बजे से भव्य भजन संध्या का आयोजन भी होगा, जिसमें भक्त भक्ति संगीत का आनंद ले सकेंगे। कथा के समापन दिवस 21 दिसंबर को दोपहर 12 बजे विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसके पश्चात सायं 7 बजे से मधुर प्रसाद का वितरण किया जाएगा।

















