सिहानीगेट पुलिस ने किया फर्जी प्लेसमेंट कंपनी का भंडाफोड़, मेट्रो, एयरपोर्ट में नौकरी का सपना दिखाकर करते थे ठगी

-बेरोजगार युवाओं से 30 लाख की ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मेट्रो स्टेशन, एयरपोर्ट और नामी निजी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवक-युवतियों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का सिहानीगेट पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फर्जी प्लेसमेंट कंपनी के जरिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इस गिरोह के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई पीडि़तों के लिए बड़ी राहत के रूप में सामने आई है। शुक्रवार को थाना सिहानी गेट पर आशीष ठाकुर पुत्र कुशलपाल सिंह राघव, निवासी मालीबाड़ा सहित अन्य पीडि़तों द्वारा लिखित तहरीर दी गई थी। तहरीर में बताया गया कि आरएस हेल्थ केयर मैनेजमेंट मार्केटिंग प्रा. लिमिटेड’ एवं  ‘यूनिक मैनेजमेंट सर्विसेज प्रा. लिमिटेड’ के नाम से एक फर्जी प्लेसमेंट कंपनी संचालित की जा रही थी। आरोपियों ने नौकरी और ट्रेनिंग दिलाने के नाम पर षड्यंत्रपूर्वक फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग पीडि़तों से करीब 30 लाख रुपये की ठगी की।

न तो किसी को नौकरी दिलाई गई और न ही ली गई धनराशि वापस की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना सिहानी गेट में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान शनिवार को थाना सिहानीगेट एसएचओ कुलदीप दीक्षित की टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो रितेश शर्मा पुत्र प्रदीप शर्मा, निवासी भूड़ कॉलोनी, फरीदाबाद (हरियाणा), मूल निवासी सिवान, बिहार तथा अमन पुत्र चन्दभूषण सिंह, निवासी भगवती गार्डन, जैन रोड, द्वारका मोड़, नई दिल्ली, मूल निवासी मोतिहारी, बिहार को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बेरोजगार युवक-युवतियों को मेट्रो स्टेशन, एयरपोर्ट और अन्य निजी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

एसीपी नंदग्राम (कार्यवाहक) प्रियाश्री पाल ने बताया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे ठगों के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि फर्जी प्लेसमेंट और नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अभियुक्त रितेश शर्मा के विरुद्ध पूर्व में दिल्ली के थाना बुराड़ी में भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है, जिससे उसके आपराधिक इतिहास की पुष्टि होती है। कमिश्नरेट गाजियाबाद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति या संस्था को धनराशि देने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।