-गौशाला नंदी पार्क में अलाव, झूल और गुड़ की व्यवस्था, नगर आयुक्त ने शहरवासियों से कि सहयोग की अपील
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए नगर निगम ने निराश्रितों और बेसहारा पशुओं के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। नगर निगम ने न केवल शहर के रैन बसेरों में लोगों के लिए सुविधाओं को बढ़ाया है, बल्कि गौशाला नंदी पार्क में भी गोवंशों को ठंड से बचाने के लिए कई व्यवस्थाएं लागू की हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर गौशाला में छोटे गोवंशों को झूल पहनाकर ठंड से बचाया जा रहा है। इसके अलावा, सुबह और शाम अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है, जिससे पशु ठंड में गर्म रह सकें। अलाव के पास छोटे और युवा जानवरों को विशेष रूप से रखा जाता है ताकि उन्हें ठंड का ज्यादा असर न हो। गौशाला में खाने में गुड़ की मात्रा भी बढ़ाई गई है, जिससे गोवंशों को ऊर्जा मिलती रहे और उनका स्वास्थ्य मजबूत बना रहे।
अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव और पशु चिकित्सा अधिकारी आशीष त्रिपाठी की देखरेख में यह व्यवस्था की जा रही है। अधिकारी प्रतिदिन गौशाला का निरीक्षण कर रहे हैं और आवश्यकता अनुसार संसाधनों में सुधार कर रहे हैं। शहर में बेसहारा पशु, जैसे सड़क पर घूमते गाय-बैल और अन्य जानवरों को भी नंदी पार्क लाकर सुरक्षित किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शीत लहर और कोहरे के बीच यह कदम पशुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। नगर आयुक्त ने शहरवासियों से अपील की है कि वे बेसहारा और बेजुबान पशुओं की देखभाल में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में न केवल लोगों की बल्कि पशुओं की भी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। हम चाहते हैं कि नागरिक भी अस्थाई झोपडिय़ों, अलाव और भोजन की व्यवस्था करके इन पशुओं की मदद करें। गौशाला में तिरपाल की व्यवस्था की गई है, ताकि पशु बारिश या तेज हवाओं से सुरक्षित रह सकें।
वहीं अलाव और खाने में गुड़ का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है। झूल की व्यवस्था छोटे गोवंशों के लिए खास तौर पर की गई है। अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं कि यह व्यवस्था लगातार बनी रहे और किसी पशु को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। नगर निगम ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जरूरत पडऩे पर अन्य स्थानों से भी बेसहारा गोवंश और श्वान नंदी पार्क में लाए जा सकें। इससे न केवल उनका जीवन सुरक्षित रहेगा, बल्कि वे भोजन और गर्म वातावरण की सुविधा का लाभ भी उठा सकेंगे। शहर में लगातार निगरानी और देखभाल के लिए अधिकारी समय-समय पर पार्क और अन्य स्थानों का दौरा कर रहे हैं। नगर निगम ने कहा है कि इस ठंड में केवल नंदी पार्क ही नहीं, बल्कि शहर के सभी रैन बसेरों और अस्थाई आश्रय स्थलों में भी पशुओं के लिए सुरक्षित और गर्म वातावरण बनाने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, बेसहारा श्वानों और अन्य जानवरों के लिए भी अलाव, भोजन और तिरपाल की व्यवस्था की जा रही है।
शहरवासियों से नगर आयुक्त ने आग्रह किया है कि वे भी अपने स्तर पर इन जानवरों की मदद करें। उन्होंने कहा कि सर्दियों में पशुओं की देखभाल केवल निगम का काम नहीं है, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बेसहारा पशुओं के लिए गर्म पानी, भोजन और अस्थाई आश्रय की व्यवस्था करें।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल तत्काल राहत देने के लिए नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक योजना के तहत भी पशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को बनाए रखने का प्रयास है। अधिकारी लगातार नंदी पार्क का निरीक्षण कर रहे हैं और आवश्यकता अनुसार संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं। इस प्रकार, नगर निगम ने बढ़ती ठंड के बीच न केवल मानव नागरिकों बल्कि बेसहारा और बेजुबान पशुओं की सुरक्षा और देखभाल के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। नगर निगम का यह प्रयास पूरे शहर में सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की मिसाल बन रहा है।
















