गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सिमरन सभा में श्रद्धा व शौर्य का संगम, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का 360वां प्रकाशोत्सव भव्य रूप से मनाया गया

-कीर्तन, कथा और सेवा के बीच गूंजा गुरु महिमा का संदेश, प्रभात फेरियों में सहभागी बच्चों का हुआ सम्मान

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भूड़ भारत नगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सिमरन सभा में रविवार को सिखों के दसवें गुरु, साहिब-ए-कमाल श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का 360वां पावन प्रकाशोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और गरिमा के साथ मनाया गया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा आयोजित इस भव्य धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगत ने सहभागिता कर गुरु चरणों में शीश नवाया और गुरुवाणी से आत्मिक आनंद प्राप्त किया। प्रात:कालीन कार्यक्रम की शुरुआत पाठ श्री सुखमनी साहिब से हुई, जिसने पूरे गुरुद्वारा परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके उपरांत गुरुमय वातावरण में भव्य कीर्तन दरबार सजाया गया। हजूरी रागी भाई अमरजीत सिंह, भाई गुरदीप सिंह जी, भाई कवल सिंह भाटिया जी, निशा वर्मा एवं दिल्ली से पधारी बीबी गुंजन कौर जी ने मधुर गुरुवाणी कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया। कीर्तन की प्रत्येक पंक्ति में गुरु साहिब की वीरता, त्याग और मानवता के संदेश की गूंज सुनाई दी, जिससे संगत भावविभोर हो उठी।

इस अवसर पर सभा के प्रधान सरदार जोगेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के महान जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु साहिब ने न केवल धर्म की रक्षा के लिए अद्वितीय बलिदान दिए, बल्कि मानवता, समानता और साहस का ऐसा मार्ग दिखाया, जो आज भी समाज को दिशा देता है। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। सभा के सचिव सरदार हरचरणजीत सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संगत, सेवादारों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से लंगर सेवा एवं अन्य निस्वार्थ सेवाओं में जुटे सभी सेवादारों की सराहना करते हुए कहा कि सेवा और सिमरन ही सिख जीवन की आत्मा है।

कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा रमन, करण, अमनदीप कौर एवं परविंदर कौर को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इन बच्चों ने प्रकाशोत्सव से पूर्व निकाली गई सभी प्रभात फेरियों में कड़ाके की ठंड के बावजूद नियमित रूप से भाग लेकर अनुशासन, श्रद्धा और सेवा भावना का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। संगत ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के समापन पर गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया, जिसमें सभी ने पंगत में बैठकर समानता और भाईचारे का संदेश आत्मसात किया। अंत में प्रबंधक कमेटी ने एक बार फिर समस्त संगत का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए गुरु साहिब से सभी के कल्याण की अरदास की।