राजस्व कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समयबद्ध वसूली सुनिश्चित करें: जिलाधिकारी

-जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने विभागीय अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, ब्लैक आउट मॉक ड्रिल की तैयारी को भी लिया जायजा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में आयोजित दिसंबर 2025 की कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समयबद्ध वसूली की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर एडीएम वित्त एवं राजस्व सौरभ भट्ट, आबकारी विभाग, वन विभाग, वाणिज्य कर, परिवहन विभाग, विद्युत विभाग, खनन विभाग के अधिकारी तथा सिविल डिफेंस के पदाधिकारी शामिल थे। जिलाधिकारी ने भू-राजस्व में जिले की प्रगति कम रहने पर विशेष चिंता व्यक्त की और कहा कि भूमि अधिग्रहण के सापेक्ष अधिग्रहण शुल्क जीडीए से समय पर जमा कराना अनिवार्य है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को निर्देशित किया कि जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा के साथ समन्वय स्थापित कर भू-राजस्व की शीघ्र पूर्ति सुनिश्चित करें।

साथ ही जिलाधिकारी ने जिला आबकारी अधिकारी संजय सिंह को संबंधित लाइसेंस धारकों को मासिक लक्ष्य आवंटित करने और उनके समय पर वसूली की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वाणिज्य कर विभाग से कहा गया कि वसूली मांगपत्रों की वसूली में कुर्की और नीलामी की कार्रवाई नियमानुसार पूर्ण हो। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया कि विद्युत और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाकर वसूली अभियान चलाया जाए। वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विभागीय भूमि पर निर्माण संबंधित नियमों की जानकारी प्रदान करें और सहयोग सुनिश्चित करें। जिला खान अधिकारी को बिना अनुमति मिट्टी उठाने वाले मामलों में नियमानुसार जुर्माना लगाने के लिए कहा गया।

बैठक में जिलाधिकारी ने लंबित धनराशियों का विभागवार ब्योरा तैयार करने और समन्वय स्थापित कर जनवरी माह में पूरी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी माह में सभी विभाग क्रमिक लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति करें। जिलाधिकारी ने आगामी 23 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाली ब्लैक आउट मॉक ड्रिल की तैयारी का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद के सभी स्टेट होल्डर-अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग, चिकित्सा विभाग, पुलिस, प्रशासन एवं आपदा विभाग-नागरिक सुरक्षा के साथ समन्वय कर यह कार्यक्रम सफल बनाएं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्यवाही करने की दिशा में मार्गदर्शन दिया।