-मुख्य विकास अधिकारी ने 18+ नागरिकों से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की अपील की
-दिव्यांग और वरिष्ठ मतदाताओं का शॉल ओढ़ाकर किया सम्मान, सहयोगियों को प्रतीक चिह्न व प्रशस्ति पत्र
-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोकतंत्र और मतदान के महत्व को बताया
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के क्रम में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस रविवार को हिंदी भवन में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया। आयोजन स्थल पर पहुंचे दिव्यांग मतदाताओं का बैंड-बाजों के साथ विशेष अभिनंदन किया गया, जिसने कार्यक्रम को उत्सवी स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान मंच पर लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का संदेश प्रसारित किया गया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एवं निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए नए मतदाताओं से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का आह्वान किया। इसके साथ ही नन्हें कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक, धार्मिक तथा मतदाता जागरूकता से जुड़े गीतों और नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी एवं स्वीप नोडल अधिकारी अभिनव गोपाल ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके लिए सबसे पहले मतदाता बनना अनिवार्य है।
उन्होंने 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र नागरिकों से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि मतदाता बनने के लिए फार्म-6 भरना आवश्यक है, जिसे ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भरा जा सकता है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम एफआर सौरभ भट्ट ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर नागरिक का मतदान में भाग लेना आवश्यक है। उन्होंने नए मतदाताओं से अपील की कि वे अपने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराएं और सुनिश्चित करें कि उनका मतदान अधिकार सुरक्षित और सक्रिय रहे। सौरभ भट्ट ने बताया कि दिव्यांग एवं वरिष्ठ मतदाताओं का सम्मान करना हमारी प्राथमिकता है, ताकि उन्हें मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने कहा कि एसआईआर और अन्य निर्वाचन गतिविधियों में सहयोग करने वाले सभी उद्यमियों, निर्वाचन कर्मियों और स्थानीय सहयोगियों का योगदान सराहनीय है और ऐसे प्रयास लोकतंत्र में नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने मतदाता जागरूकता को व्यापक बनाने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सभी विभाग और अधिकारी मिलकर लोगों तक मतदान का महत्व पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। अपर नगरायुक्त राज बहादुर, सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय तथा एसडीएम अरुण दीक्षित सहित अन्य अधिकारियों ने दिव्यांग और वरिष्ठ मतदाताओं को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही एसआईआर कार्य में सहयोग प्रदान करने वाले उद्यमियों, निर्वाचन कर्मियों एवं अन्य सहयोगियों को प्रतीक चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में योगदान देने वाले कलाकारों, प्रबंधकों और संचालकों को भी सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान मतदाता जागरूकता, सहभागिता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया।

















