-झूठे पट्टे का हवाला देकर वर्षों से वसूला जा रहा था किराया, 2-3 दिन में स्वयं कब्जा हटाने के निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-9 स्थित नगर निगम की ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जे की शिकायत मिलते ही रविवार को महापौर सुनीता दयाल स्वयं मौके पर पहुंचीं और स्थिति का निरीक्षण किया। मौके पर यह सामने आया कि पूरी ग्रीन बेल्ट पर दुकानों और खोखों के माध्यम से अवैध रूप से व्यवसाय कराया जा रहा है, जबकि यह भूमि नगर निगम की है और किसी प्रकार का वैध पट्टा जारी नहीं किया गया है। निरीक्षण के दौरान जानकारी मिली कि मोमिन, प्रमोद और राजबलिया नामक व्यक्ति स्वयं को पट्टाधारी बताते हुए दुकानदारों से किराया वसूल कर रहे हैं। जब इस संबंध में दस्तावेज मांगे गए तो कोई भी वैध पट्टा प्रस्तुत नहीं किया जा सका। मौके पर मौजूद दुकानदारों ने बताया कि वे पिछले सात से दस वर्षों से यहां किराये पर कार्य कर रहे हैं और हर माह दो हजार से पांच हजार रुपये तक इन लोगों को किराये के रूप में देते रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पार्षदों को सूचना दी गई, जिस पर पार्षद हरीश करकोटी और पार्षद राधेश्याम त्यागी भी मौके पर पहुंचे। दोनों पार्षदों ने महापौर के साथ अवैध कब्जे पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि नगर निगम की भूमि पर इस तरह का अवैध कारोबार अत्यंत गंभीर विषय है और इस पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है। महापौर सुनीता दयाल ने संबंधित नगर निगम अधिकारियों को तुरंत सूचना देते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रीन बेल्ट पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं है। जिन लोगों ने झूठे पट्टे का हवाला देकर किराया वसूला है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
महापौर ने अवैध कब्जाधारियों को दो से तीन दिन के भीतर स्वयं स्थल खाली करने के निर्देश भी दिए हैं। महापौर ने यह भी कहा कि इंदिरापुरम क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी अवैध गतिविधियों की सूचनाएं लगातार प्राप्त हो रही हैं। पहले इस ग्रीन बेल्ट से अवैध कब्जा हटाया जाएगा, इसके बाद अन्य स्थानों पर भी अभियान चलाया जाएगा। नगर निगम की भूमि पर अवैध कब्जा कर आम जनता से उगाही करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
















