यमुना सिटी में बनेगी सीटी स्कैनर और एमआरआई मशीन

-मेडिकल डिवाइस पार्क में आई बड़ी कंपनी, जमीन के लिए लेटर आफ इंटेंट जारी किया गया

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण के मेडिकल डिवाइसेज पार्क में 10 एकड़ प्लॉट का आशय पत्र शुक्रा फ़ार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड को दिया गया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण राकेश कुमार सिंह और एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने यह पत्र कंपनी के अधिकारियों को सौंपा गया। जबकि
मेसर्स शुक्रा फ़ार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की सीईओ डॉ. मिनाक्षी लाटे, गौरव शोकीन, अनिल कुमार वर्मा, कामिनी भारती आदि उपस्थित रहे। मेडिकल डिवाइसेज पार्क में शुक्रा फ़ार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड विश्व की सबसे उन्नत एवं जीवनरक्षक चिकित्सा तकनीकों का निर्माण करेगी, जिससे भारत को वैश्विक स्वास्थ्य नवाचार के अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया जाएगा। यह अत्याधुनिक सुविधा बीएनसीटी का उत्पादन करेगी, जिसे जटिल कैंसर रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए सबसे उन्नत उपचार पद्धतियों में से एक माना जाता है।

इस संयंत्र में रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग उपकरणों की व्यापक श्रृंखला का निर्माण किया जाएगा, जिनमें सीटी स्कैनर, एमआरआई, पीईटी स्कैन, एक्स-रे तथा अल्ट्रासोनोग्राफी मशीनें शामिल हैं। इसके साथ ही, एनेस्थीसिया सिस्टम तथा आईसीयू और ऑपरेशन थियेटर के लिए आवश्यक रेस्पिरेटरी केयर समाधान भी विकसित किए जाएंगे। मेडिकल डिवाइसेज पार्क पार्क में हृदय संबंधी इम्प्लांट्स—जैसे हार्ट वाल्व, स्टेंट्स और लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइसेज़ का भी निर्माण किया जाएगा, जो गंभीर हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों के उपचार में सहायक होंगे। इसके अतिरिक्त, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसे रेस्पिरेटरी सपोर्ट उत्पादों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस परियोजना का एक प्रमुख आकर्षण मेडिकल रोबोटिक सिस्टम्स का विकास होगा, जिनमें सॉफ्ट टिश्यू सर्जिकल रोबोट्स, ऑर्थोपेडिक रोबोटिक सिस्टम्स (इम्प्लांट्स सहित), डेंटल रोबोटिक सिस्टम्स (इम्प्लांट्स सहित) तथा न्यूरो-स्पाइन रोबोटिक सिस्टम्स शामिल हैं, जो शल्य चिकित्सा में उच्च स्तर की सटीकता और नवाचार को बढ़ावा देंगे।

इसके अतिरिक्त, इस सुविधा में इन-विट्रो डायग्नोस्टिक समाधान—जैसे पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्टिंग डिवाइसेज़ और उन्नत एनालाइज़र्स—का उत्पादन किया जाएगा, जिससे रोगियों के लिए तेज़ और अधिक सटीक निदान संभव होगा। चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने और रोगी जोखिम को कम करने के उद्देश्य से, पार्क में डॉक्टरों, नर्सों और पैरा-मेडिकल पेशेवरों के प्रशिक्षण हेतु मेडिकल सिमुलेटर्स भी स्थापित किए जाएंगे, जो उन्नत सिमुलेशन तकनीकों के माध्यम से कौशल विकास में सहायक होंगे।

सरकार और उद्योग के संयुक्त सहयोग की परिकल्पना के साथ, यह पहल ऐसे भविष्य के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है जहाँ उन्नत चिकित्सा तकनीक को विलासिता नहीं, बल्कि मौलिक मानव अधिकार के रूप में देखा जाए जो सुलभ, किफ़ायती और व्यापक प्रभाव वाली हो। यह महत्वाकांक्षी परियोजना स्वास्थ्य नवाचार को आगे बढ़ाने, स्वदेशी विनिर्माण को सुदृढ़ करने और भारत को मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर वैश्विक अग्रणी बनाने की दिशा में शुक्रा फ़ार्मास्यूटिकल्स की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

इस सुविधा के माध्यम से 900 से अधिक प्रत्यक्ष तथा 2000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, जिनमें विनिर्माण, अनुसंधान एवं विकास (R&D), गुणवत्ता, नियामक, बिक्री, विपणन एवं संबद्ध सेवाएँ शामिल हैं। 587 करोड़ के कैपेक्स निवेश के साथ स्थापित होने वाला यह मेडटेक पार्क स्थानीय भर्ती और कौशल विकास पर विशेष जोर देगा, जिससे समावेशी विकास सुनिश्चित होगा और उत्तर प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाया जा सकेगा। उन्नत तकनीकों के स्थानीयकरण से शुक्रा फ़ार्मास्यूटिकल्स आयात पर निर्भरता कम करते हुए विश्वस्तरीय चिकित्सा उपकरणों की किफ़ायती उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, ताकि जीवनरक्षक नवाचार हर रोगी तक पहुँच सकें।