-गोरखपुर में प्रभावी पुलिसिंग के बाद गाजियाबाद पहुंचे 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी, कानून-व्यवस्था और यातायात की जिम्मेदारी सौंपी
-पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने दी शुभकामनाएं, शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया संबल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट को एक अनुभवी और सख्त छवि वाले वरिष्ठ अधिकारी के रूप में नया नेतृत्व मिला है। गोरखपुर के एसएसपी रह चुके डीआईजी राज करन नय्यर ने मंगलवार को गाजियाबाद में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं यातायात) के पद का कार्यभार विधिवत रूप से संभाल लिया। उनके कार्यभार ग्रहण करने से पुलिस महकमे में नई ऊर्जा और सक्रियता का संचार देखने को मिल रहा है। राज करन नय्यर को हाल ही में डीआईजी के पद पर पदोन्नति दी गई थी। इसके बाद शासन ने उन्हें प्रदेश के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पुलिस कमिश्नरेट्स में से एक गाजियाबाद में अपर पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी है। गाजियाबाद जैसे बड़े, घनी आबादी वाले और औद्योगिक-व्यावसायिक शहर में कानून-व्यवस्था और यातायात को संभालना एक बड़ी चुनौती मानी जाती है।
कार्यभार संभालने के अवसर पर पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ तथा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय/अपराध) केशव कुमार चौधरी ने राज करन नय्यर का स्वागत किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में शहर की पुलिसिंग और अधिक सुदृढ़ होगी। राज करन नय्यर 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और मूल रूप से फरीदाबाद, हरियाणा के निवासी हैं। गोरखपुर में उनका कार्यकाल भले ही कुछ माह का रहा हो, लेकिन इस अल्प अवधि में भी उन्होंने प्रभावी पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक अनुशासन के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। उनके नेतृत्व में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए थे। गाजियाबाद में उन्हें कानून-व्यवस्था के साथ-साथ यातायात व्यवस्था की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह शहर रोजाना लाखों वाहनों के दबाव और यातायात जाम की समस्या से जूझता है। ऐसे में माना जा रहा है कि उनके अनुभव और प्रशासनिक कौशल से यातायात प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी। कार्यभार ग्रहण करने के बाद राज करन नय्यर ने कहा कि गाजियाबाद एक बड़ा और चुनौतीपूर्ण कमिश्नरेट है। यहां की कानून-व्यवस्था, यातायात सुधार और आम जनता की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध और अराजकता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और पुलिस-जन संवाद को और अधिक मजबूत किया जाएगा। कुल मिलाकर, डीआईजी राज करन नय्यर का गाजियाबाद में आगमन पुलिस प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। उनके अनुभव, सख्त कार्यशैली और व्यावसायिक दृष्टिकोण से शहर की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।















