-अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राज करन नैय्यर की अध्यक्षता में देर रात हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
-डायल 112 के तीन साल के आंकड़ों का विश्लेषण, संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी गश्त
-परीक्षा केंद्रों पर विशेष सतर्कता, अफवाहों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश, डायल 112 के तीन साल के आंकड़ों की समीक्षा
विनोद पाण्डेय (उदय भूमि संवाददाता)
गाजियाबाद। बोर्ड परीक्षाओं और आगामी त्योहारों, विशेषकर होली पर्व, को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद में व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार देर रात को पुलिस लाइन्स स्थित परमजीत हॉल में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था/यातायात) राज करन नैय्यर ने की। बैठक में कमिश्नरेट के सभी डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल, डीसीपी देहात सुरेन्द्रनाथ तिवारी, डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन, एसीपी कोतवाली उपासना पाण्डेय, एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल, एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य, एसीपी साहिबाबाद श्वेता कुमारी यादव, एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी नंदग्राम जियाद्दीन अहमद, एसीपी ट्रैफिक रितेश त्रिपाठी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। इस दौरान विगत तीन वर्षों में डायल 112 पर प्राप्त इवेंट्स, संवेदनशील क्षेत्रों, त्योहारों के दौरान उत्पन्न स्थितियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।
राज करन नैय्यर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष सतर्कता बरती जाए। यातायात व्यवस्था सुचारु रहे, परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और अराजक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों का भौतिक निरीक्षण कर सुरक्षा प्रबंधों को अंतिम रूप दें। होली पर्व के मद्देनजर उन्होंने शांति समिति की बैठकों को सक्रिय करने, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पैदल गश्त बढ़ाने और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी अफवाह या भड़काऊ संदेश पर तत्काल कार्रवाई की जाए और स्थिति को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जाए। गोष्ठी में डायल 112 पर प्राप्त पिछले तीन वर्षों के इवेंट्स का विश्लेषण करते हुए उन समय-सीमाओं और स्थानों की पहचान की गई, जहां अधिक शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
नैय्यर ने निर्देश दिया कि ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए। राज करन नैय्यर की कार्यशैली को लेकर अधिकारियों में स्पष्ट संदेश दिखाई दिया। वे सख्त अनुशासन के साथ-साथ व्यावहारिक और समाधान-केन्द्रित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। बैठक में उन्होंने आंकड़ों के आधार पर समीक्षा करते हुए प्रत्येक अधिकारी से जवाबदेही तय की और स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की प्राथमिकता आम नागरिक की सुरक्षा और विश्वास बनाए रखना है। त्योहारों के दौरान पुलिस की मौजूदगी केवल नियंत्रण के लिए नहीं, बल्कि भरोसा दिलाने के लिए भी होनी चाहिए। करीब दो घंटे चली इस गोष्ठी में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई और सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से अमल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कमिश्नरेट गाजियाबाद की यह सक्रियता संकेत देती है कि आने वाले दिनों में बोर्ड परीक्षाएं और होली पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था/यातायात)
पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद
बोर्ड परीक्षाओं और होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष सतर्कता बरती जाए, यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित पैदल गश्त और सोशल मीडिया की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। किसी भी अफवाह या भड़काऊ संदेश पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर स्थिति को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जाए। पुलिस की मौजूदगी केवल नियंत्रण के लिए नहीं, बल्कि आमजन में सुरक्षा और विश्वास का भाव मजबूत करने के लिए होनी चाहिए।
राज करन नैय्यर
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था/यातायात)
पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद
















