दूधेश्वर धाम में गूंजा हर-हर महादेव, तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ

-श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के सानिध्य में भव्य आयोजन, 15 फरवरी को उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब
-भगवान शिव की निकलेगी अलौकिक बारात, रात्रि 12 बजे से शुरू होगा जलाभिषेक
-56 भोग, 501 किलो फलों से श्रृंगार और आठों प्रहर की विशेष पूजा की तैयारी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। आस्था, भक्ति और उत्साह के अद्भुत संगम के बीच सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में तीन दिवसीय फाल्गुन महाशिवरात्रि महोत्सव का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। महोत्सव का उद्घाटन मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य एवं अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
महोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक फूल-बंगले के रूप में सजाया गया है। चारों ओर रंग-बिरंगी रोशनी, पुष्प सज्जा और धार्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव से सराबोर कर दिया। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए देश-विदेश से लाखों भक्तों के आगमन की संभावना को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसी पावन तिथि को भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए थे तथा माता पार्वती के साथ उनका दिव्य विवाह संपन्न हुआ था।

यही कारण है कि यह पर्व ‘शिवरात्रि’ नहीं बल्कि ‘महाशिवरात्रि’ कहलाता है। 14 फरवरी शुक्रवार की रात्रि को मंदिर परिसर में भगवान शिव एवं माता पार्वती का विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा। विवाह से पूर्व जस्सीपुरा मोड़ से भगवान शिव की भव्य बारात निकलेगी, जिसमें शिवगणों, देवी-देवताओं और आकर्षक झांकियों की झलक देखने को मिलेगी। विवाह उपरांत रात्रि 11 बजे से भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होंगे।
मंदिर के मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार ने बताया कि शनिवार को भगवान दूधेश्वर का महाकाल स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया जाएगा। श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल एवं उनकी टीम द्वारा 56 भोग अर्पित किए जाएंगे तथा लगभग 501 किलो फलों और फूलों से अद्भुत सज्जा की जाएगी। महाशिवरात्रि का पावन जलाभिषेक 14 फरवरी की रात्रि 12 बजे से प्रारंभ होगा।

सर्वप्रथम श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज एवं मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग द्वारा पूजन-अर्चन किया जाएगा, इसके पश्चात मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। रविवार 15 फरवरी को भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम और विद्युत विभाग द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों ने मंदिर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है। धर्मार्थ सेवा समिति पिछले चार दशकों से श्रद्धालुओं की सेवा कर रही है। इस वर्ष भी नरेंद्र गुप्ता ‘आरती वाले’ के नेतृत्व में कुट्टू की पकौड़ी, मखाने की खीर और दही का प्रसाद वितरित किया जाएगा। मंदिर में आठों प्रहर की विधिवत पूजा दूधेश्वर वेद विद्यालय के विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराई जाएगी। प्रात: 5 बजे से शुरू होकर रात्रि 3 बजे तक विभिन्न प्रहरों में पूजन का क्रम चलेगा। महाशिवरात्रि पर आम श्रद्धालुओं से लेकर विशिष्ट अतिथि तक भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक कर महाराजश्री का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। दूधेश्वर धाम में महोत्सव के साथ एक बार फिर आस्था का महासागर उमडऩे को तैयार है।