-लोक भवन में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात, जनहित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा
-हरियाणा के मंत्री विपुल गोयल से विकास और प्रशासनिक विषयों पर विचार-विमर्श
-क्षेत्रीय समस्याओं और जन अपेक्षाओं को प्रभावी रूप से शासन तक पहुंचाने का प्रयास
उदय भूमि संवाददाता
चंडीगढ़। पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में जनसेवक तरुण मिश्र ने शुक्रवार को राज्य के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से लोक भवन में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर विभिन्न जनहित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और क्षेत्र की आवश्यकताओं तथा विकास संबंधी प्राथमिकताओं को विस्तारपूर्वक रखा गया। भेंट के दौरान राज्यपाल ने जनसेवा के प्रति समर्पण और संवाद की परंपरा को लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार बताया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से ही आम नागरिकों की आवाज शासन तक प्रभावी रूप से पहुंचती है। तरुण मिश्र ने राज्यपाल को अपने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं, विकास कार्यों की प्रगति तथा जनता की अपेक्षाओं से अवगत कराया। इसके साथ ही तरुण मिश्र ने मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी से भी शिष्टाचार भेंट की।
इसके उपरांत तरुण मिश्र ने हरियाणा सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, शहरी स्थानीय निकाय तथा नागरिक उड्डयन विभागों के मंत्री विपुल गोयल से उनके सरकारी आवास पर भेंट की। इस दौरान शहरी विकास, स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली, आपदा प्रबंधन की तैयारियों तथा नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। मुलाकात के दौरान प्रशासनिक समन्वय, आधारभूत संरचना के विकास और जनसेवा तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। तरुण मिश्र ने नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से रखते हुए त्वरित समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। मंत्री विपुल गोयल ने आश्वासन दिया कि जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जाएंगे।
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस दौरे को जनसंवाद और सहयोग की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। चंडीगढ़ स्थित लोक भवन और मंत्री आवास पर हुई इन मुलाकातों से यह संकेत मिला है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से विकास कार्यों को नई गति मिल सकती है। इस प्रकार के संवाद से न केवल क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान तेज होता है, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास भी सुदृढ़ होता है। तरुण मिश्र की यह पहल जन अपेक्षाओं को शासन के उच्च स्तर तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास मानी जा रही है।

















