मजार देखकर मेयर सुनीता दयाल हुई आगबबूला, बोली तुम्हारे यहां मजार को कोई नहीं मानता फिर…

-ग्रीन बेल्ट पर अवैध निर्माण का आरोप, खादिम मां-बेटे को दी सख्त चेतावनी
-वायरल वीडियो के बाद शहर में गरमाई सियासत, धार्मिक स्थल बनाम अतिक्रमण पर बहस तेज
-एक सप्ताह की मोहलत, समयसीमा के बाद बलपूर्वक हटाने की प्रशासनिक तैयारी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। लोहियानगर स्थित सर्विस रोड किनारे फ्लाईओवर के नीचे वर्षों से संचालित एक मजार को लेकर सोमवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब शहर की महापौर सुनीता दयाल ने मौके पर पहुंचकर कड़ा रुख अपनाया। निरीक्षण के दौरान मजार पर बैठी बुजुर्ग महिला और उसके बेटे को उन्होंने तत्काल स्थल खाली करने की चेतावनी दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद शहर में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महापौर ने गाड़ी रुकवाकर मजार के बाहर रखे प्रसाद, चादर और अन्य सामान पर आपत्ति जताई। वीडियो में वह खादिम मां-बेटे को फटकार लगाते हुए नजर आ रही हैं और कह रही हैं कि सार्वजनिक स्थल पर इस प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ग्रीन बेल्ट पर अवैध निर्माण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं होगा और जरूरत पड़ी तो मजार को हटवा दिया जाएगा।

बताया जाता है कि फ्लाईओवर के नीचे रस्सियों पर चादरें टंगी थीं, एक मेज पर प्रसाद रखा था और पास ही चारपाई पर बुजुर्ग महिला बैठी थी। आरोप है कि यहां दानपात्र, अगरबत्ती और चादर के माध्यम से व्यावसायिक गतिविधि संचालित की जा रही थी तथा वहीं रहने की व्यवस्था भी कर ली गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार महिला कई वर्षों से वहीं रहकर गुजर-बसर कर रही है। महापौर ने स्पष्ट किया कि ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जा कर किसी भी प्रकार की दुकान या निर्माण नहीं किया जा सकता। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर स्थल खाली करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समयसीमा में स्थल खाली न होने की स्थिति में नगर निगम द्वारा बलपूर्वक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में यहां लगा हैंडपंप भी हटवाया जा चुका है। घटना के बाद शहर में अतिक्रमण, धार्मिक स्थलों और मानवीय पहलुओं को लेकर बहस छिड़ गई है। एक ओर नगर निगम सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से वहां रह रही बुजुर्ग महिला की स्थिति को लेकर भी चर्चा हो रही है। आने वाले दिनों में प्रशासनिक कार्रवाई इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगी।