एसीपी उपासना पाण्डेय ने होली पर संभाली सुरक्षा की कमान, सड़कों पर उतरीं तो दिखा सख्त प्रशासन

-होलिका दहन स्थलों पर औचक निरीक्षण, हर व्यवस्था को परखा बारीकी से
-संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त, असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश
-संवाद, सतर्कता और नेतृत्व का संगम-एसीपी की कार्यशैली बनी मिसाल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। होली पर्व के अवसर पर आमजन की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। मंगलवार को सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली उपासना पाण्डेय ने स्वयं मैदान में उतरकर थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के विभिन्न होलिका दहन स्थलों का भ्रमण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उनकी सक्रिय कार्यशैली और मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने के प्रयासों ने पुलिस की तत्परता को स्पष्ट रूप से दर्शाया। होलिका दहन स्थलों पर पहुंचकर एसीपी उपासना पाण्डेय ने सुरक्षा बैरिकेडिंग, अग्निशमन व्यवस्थाओं, पुलिस बल की तैनाती और भीड़ नियंत्रण के इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि त्योहार का उल्लास बना रहे, लेकिन किसी भी स्थिति में शांति व्यवस्था भंग नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और आयोजन समितियों के सदस्यों से भी बातचीत की। उन्होंने अपील की कि सभी लोग मिलजुलकर होली का पर्व मनाएं और किसी भी प्रकार की अफवाह या असामाजिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उनके इस संवादात्मक रवैये से आमजन में विश्वास का भाव भी देखने को मिला। कई स्थानों पर लोगों ने पुलिस की मौजूदगी को लेकर संतोष व्यक्त किया और कहा कि वरिष्ठ अधिकारी का स्वयं मौके पर पहुंचना सकारात्मक संदेश देता है। सिर्फ निरीक्षण तक ही सीमित न रहते हुए एसीपी उपासना पाण्डेय ने थाना कोतवाली क्षेत्र में पैदल गश्त भी की। बाजारों, मुख्य चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पैदल भ्रमण कर उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का प्रत्यक्ष आकलन किया। उनके साथ थाना पुलिस बल भी मौजूद रहा।

पैदल गश्त के दौरान उन्होंने दुकानदारों और राहगीरों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार मनाने की सलाह दी। उनकी कार्यशैली की खास बात यह रही कि उन्होंने हर बिंदु पर सूक्ष्म नजर रखी। उन्होंने पुलिस कर्मियों को सतर्क रहने, संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने और महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। त्योहारों के दौरान अक्सर उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पहले से ही रणनीतिक तैयारी सुनिश्चित की। पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार, एसीपी उपासना पाण्डेय का यह सक्रिय और जिम्मेदार रवैया अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। वरिष्ठ अधिकारी के स्वयं मौके पर मौजूद रहने से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और कार्य में गंभीरता आती है।

त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होती है, लेकिन उपासना पाण्डेय की सतर्कता और नेतृत्व क्षमता ने यह संदेश दिया है कि पुलिस प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उनके नेतृत्व में कोतवाली नगर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और होलिका दहन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। होली जैसे प्रमुख त्योहार पर उनकी यह सक्रियता और प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन कोई समझौता नहीं करेगा। आमजन की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए पुलिस प्रशासन पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा है। उपासना पाण्डेय की कार्यशैली ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रभावी नेतृत्व और जमीनी निगरानी से ही त्योहारों की खुशियों को सुरक्षित रखा जा सकता है।