डीएम रविन्द्र मॉंदड़ की अपील-पीएम सूर्य घर योजना में सौर पैनल लगवाकर बिजली बचाएं, पर्यावरण भी बचाएं

-योजना में भारी सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए लोगों को किया जागरूक
– सौर ऊर्जा से प्रदूषण कम होगा और प्राकृतिक संसाधनों का होगा संरक्षण
– ‘नेशनल पोर्टल फॉर रूफटॉप सोलर’ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं उपभोक्ता

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने शुक्रवार को जनसामान्य से अपील करते हुए कहा है कि लोग प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अपने घरों पर सौर पैनल लगवाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें और बिजली की बचत का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा देना है। जिलाधिकारी ने बताया कि बिजली उत्पादन के पारंपरिक साधनों जैसे कोयला और तेल के उपयोग से वायु और जल प्रदूषण होता है तथा कोयला खनन के कारण जंगलों की कटाई भी होती है। इसके विपरीत सौर ऊर्जा बिजली उत्पादन का ऐसा माध्यम है, जिससे किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होता और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी होता है। इसी उद्देश्य से भारत सरकार ने पीएम सूर्य घर योजना की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सरकार द्वारा सौर पैनल लगाने पर भारी सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

एक किलोवाट क्षमता के कनेक्शन में लगभग 65 हजार रुपये की अनुमानित लागत आती है, जिसमें से 45 हजार रुपये की सब्सिडी सरकार देती है। इसी प्रकार दो किलोवाट के कनेक्शन पर लगभग 1 लाख 30 हजार रुपये की लागत में 90 हजार रुपये की सब्सिडी मिलती है। तीन किलोवाट क्षमता के कनेक्शन में लगभग 1 लाख 80 हजार रुपये की लागत पर 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है। यह सब्सिडी अधिकतम 10 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन पर उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक उपभोक्ता ‘नेशनल पोर्टल फॉर रूफटॉप सोलर’ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इसके अलावा योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पीओ नेड़ा कार्यालय, गाजियाबाद में संपर्क किया जा सकता है। साथ ही पीएम सूर्य घर योजना गाजियाबाद के कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 70653 81846 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में इस योजना से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा को अपनाकर न केवल बिजली के खर्च में कमी लाई जा सकती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और देश के प्राकृतिक संसाधनों को बचाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।