संवाद से विश्वास तक: एसीपी उपासना पाण्डेय ने महिलाओं को बताया सुरक्षा, अधिकार और सशक्तिकरण का रास्ता

-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में महिलाओं से किया सीधा संवाद
-महिला सुरक्षा कानून, हेल्पलाइन और पुलिस सुविधाओं की दी विस्तृत जानकारी
-संवेदनशील कार्यशैली और सक्रिय पुलिसिंग से महिलाओं में बढ़ रहा विश्वास

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त (कोतवाली नगर) उपासना पाण्डेय ने भाग लेकर महिलाओं को सुरक्षा, अधिकारों और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में उनकी संवादात्मक और संवेदनशील कार्यशैली की झलक देखने को मिली, जहां उन्होंने महिलाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और चिंताओं को समझने का प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान एसीपी उपासना पाण्डेय ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में महिलाओं का जागरूक और आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार और पुलिस विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण कानून और सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनकी जानकारी होना हर महिला के लिए आवश्यक है।

उपासना पाण्डेय ने महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों, आपातकालीन सेवाओं और पुलिस की सहायता प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला को किसी भी प्रकार की परेशानी या उत्पीडऩ का सामना करना पड़ता है तो उसे बिना डर के तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस हर परिस्थिति में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए तत्पर है। कार्यक्रम में उपासना पाण्डेय ने संवादात्मक शैली अपनाते हुए महिलाओं से उनके अनुभव और सवाल भी सुने। इस दौरान कई महिलाओं ने अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं, जिनका उन्होंने सहज और स्पष्ट तरीके से उत्तर दिया। उनकी इस कार्यशैली से कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को खुलकर अपनी बात रखने का अवसर मिला और उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा।

एसीपी उपासना पाण्डेय की कार्यशैली को लेकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस और समाज के बीच बेहतर संवाद और विश्वास का रिश्ता होना बेहद जरूरी है। जब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी और पुलिस पर भरोसा करेंगी, तभी समाज में सुरक्षा का वातावरण मजबूत होगा। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने भीतर आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, जागरूकता और साहस के बल पर महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं और समाज में अपनी मजबूत पहचान बना सकती हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी महिला सशक्तिकरण के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को जागरूक करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर पुलिस से सहायता लेने में संकोच न करें। कार्यक्रम में अन्य विभागों के अधिकारी तथा विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के सदस्य भी उपस्थित रहे।