भूड़गढ़ी-डासना में जीडीए का बुलडोजर चला, 12 हजार वर्गमीटर में बस रही दो अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई

-साइट ऑफिस, बाउंड्रीवॉल और कच्ची सड़कें ध्वस्त कर रोकी गई प्लॉटिंग
– कार्रवाई के दौरान कॉलोनाइजरों ने किया विरोध, पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान पूरा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भूडग़ढ़ी-डासना क्षेत्र में लगभग 12 हजार वर्गमीटर जमीन पर विकसित की जा रही दो अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने बुलडोजर चलाकर कॉलोनाइजरों द्वारा बनाए गए साइट ऑफिस, बाउंड्रीवॉल, कच्ची सड़कों और प्लॉटिंग से जुड़े अन्य निर्माण को गिरा दिया। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण सीमा क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियां शहर के सुनियोजित विकास में सबसे बड़ी बाधा बनती हैं। इसलिए सभी जोन प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से निगरानी रखने और तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

सोमवार को प्रवर्तन जोन-5 के प्रभारी अधिशासी अभियंता योगेश पटेल के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता पीयूष सिंह, अवर अभियंता योगेश कुमार वर्मा और अवर अभियंता सुनील कुमार के साथ जीडीए पुलिस बल भी मौजूद रहा। टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की मदद से अवैध कॉलोनियों में किए गए निर्माण को ध्वस्त करना शुरू किया। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार ग्राम भूडग़ढ़ी रोड डासना स्थित खसरा संख्या 2575 और 2657 पर लगभग 6000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में किशन त्यागी, नौशाद अली और महराज आदि द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इसी तरह गंगा पेपर मिल के पीछे भूडग़ढ़ी-डासना क्षेत्र में हाजी यूसुफ, इमरान और फैजल आदि द्वारा लगभग 6000 वर्गमीटर भूमि पर दूसरी अवैध कॉलोनी बसाने का प्रयास किया जा रहा था। दोनों स्थानों पर मिलाकर करीब 12 हजार वर्गमीटर जमीन पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी।

जांच के दौरान पाया गया कि कॉलोनाइजरों ने जमीन पर कच्ची सड़कों का निर्माण कर दिया था और कई भूखंडों के चारों ओर बाउंड्रीवॉल भी खड़ी कर दी गई थी। इसके अलावा साइट ऑफिस बनाकर प्लॉटों की बिक्री की तैयारी की जा रही थी। जीडीए की प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर के जरिए इन सभी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया और पूरी प्लॉटिंग को खत्म कर दिया। कार्रवाई के दौरान कॉलोनाइजरों और निर्माणकर्ताओं की ओर से विरोध भी किया गया। कुछ लोगों ने कार्रवाई रोकने की कोशिश की, लेकिन जीडीए पुलिस बल और प्रवर्तन टीम की मौजूदगी के कारण स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। अधिकारियों ने विरोध कर रहे लोगों को समझाकर वहां से हटाया और इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की गई।

जीडीए अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति के कॉलोनियां बसाने वाले लोगों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी भूखंड या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी वैधता और जीडीए से स्वीकृति की पूरी जानकारी जरूर प्राप्त करें। उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य शहर का सुनियोजित और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। अवैध कॉलोनियों के कारण न केवल बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि भविष्य में वहां रहने वाले लोगों को भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि जीडीए की प्रवर्तन टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से क्षेत्रों का निरीक्षण करें और जहां भी अवैध कॉलोनियां या अनधिकृत निर्माण पाए जाएं, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। प्राधिकरण की ओर से आगे भी इसी तरह का अभियान चलाकर अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा और शहर को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।