-त्योहारी सीजन के बाद भी जिले में जारी है आबकारी विभाग का सघन अभियान
– लाइसेंसी दुकानों से शराब खरीदकर दूर क्षेत्रों में महंगे दामों पर बेचता था तस्कर
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। त्योहारी सीजन समाप्त होने के बाद भी विभाग का अभियान पूरी सक्रियता के साथ जारी है। शराब तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान के तहत आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीमें दिन-रात छापेमारी कर रही हैं। इसके साथ ही लाइसेंसी शराब की दुकानों का भी औचक निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि शराब की बिक्री में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि सामने न आए। आबकारी विभाग का उद्देश्य जिले में अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाना और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में शनिवार रात को आबकारी निरीक्षक नामवर सिंह और थाना ईकोटेक प्रथम पुलिस की संयुक्त टीम ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए कई स्थानों पर वाहनों और लोगों की जांच की गई।
चेकिंग के दौरान टीम को एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसे रोककर जांच की गई। तलाशी लेने पर उसके पास से भारी मात्रा में देशी शराब बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी की पहचान सौरव पुत्र सुरेश ठेकेदार के रूप में हुई। टीम ने उसके पास से 200 एमएल क्षमता की कैटरीना ब्रांड देशी शराब के 110 पव्वे बरामद किए। आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी जिले की लाइसेंसी शराब की दुकानों से शराब खरीदता था और फिर उसे ऐसे क्षेत्रों में ले जाकर बेचता था, जहां शराब के ठेके नहीं थे या जहां तक लोगों की पहुंच कम थी। वहां वह शराब को अधिक कीमत पर बेचकर अवैध मुनाफा कमाता था। इस प्रकार वह नियमों का उल्लंघन कर अवैध तरीके से शराब का कारोबार कर रहा था।
आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे अवैध शराब का नेटवर्क भी मजबूत होता है। इसलिए ऐसे तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभाग की टीमें नियमित रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त कर रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि लाइसेंसी दुकानों की भी नियमित जांच की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां से खरीदी गई शराब का गलत तरीके से इस्तेमाल या अवैध बिक्री न हो। दुकानदारों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को दें।
आरोपी सौरव के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आबकारी विभाग का कहना है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह समाप्त करने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को अवैध शराब की तस्करी, भंडारण या बिक्री करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आबकारी विभाग की इस सख्ती से शराब तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है और विभाग का अभियान जिले में अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
















