-सीईओ कृष्णा करुणेश की मॉनिटरिंग में तेज हुई परियोजना, निर्माण से पहले तैयार होगा पूरा ट्रैफिक ब्लूप्रिंट
-81 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक अंडरपास, लाखों यात्रियों को मिलेगा रोजाना राहत का रास्ता
-निर्माण अवधि में भी नहीं रुकेगा ट्रैफिक, वैकल्पिक मार्गों से सुचारु आवागमन सुनिश्चित करेगा प्राधिकरण
उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। नोएडा में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और आवागमन को सुगम बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश के नेतृत्व में नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित सुल्तानपुर अंडरपास निर्माण परियोजना अब जल्द ही धरातल पर उतरने जा रही है। प्राधिकरण ने अंडरपास निर्माण कार्य शुरू करने से पहले यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की व्यापक रणनीति तैयार की है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए ट्रैफिक डायवर्जन की विस्तृत योजना बनाई गई है, जिसे स्वीकृति के लिए यातायात पुलिस को भेज दिया गया है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे दिल्ली-एनसीआर का सबसे व्यस्त मार्गों में से एक माना जाता है।
रोजाना हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिसके कारण सुल्तानपुर गांव के आसपास जाम और दुर्घटनाओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। स्थानीय निवासियों, आईटी कंपनियों के कर्मचारियों और दैनिक यात्रियों को इस क्षेत्र में विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सुल्तानपुर गांव के सामने सेक्टर-128, सेक्टर-129, सेक्टर-132 और सेक्टर-108 के बीच अंडरपास निर्माण का निर्णय लिया गया है। यह अंडरपास स्थानीय यातायात और एक्सप्रेसवे ट्रैफिक को अलग-अलग दिशा में व्यवस्थित करेगा, जिससे वाहनों की गति सुचारु बनी रहेगी और जाम की समस्या में कमी आएगी। सीईओ कृष्णा करुणेश का लक्ष्य नोएडा को आधुनिक और स्मार्ट यातायात प्रणाली वाला शहर बनाना है। प्राधिकरण शहर के प्रमुख चौराहों, एक्सप्रेसवे जंक्शन और औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रैफिक इंजीनियरिंग सुधारों पर भी काम कर रहा है। अंडरपास, फ्लाईओवर और लिंक रोड परियोजनाओं के माध्यम से शहर में निर्बाध यातायात व्यवस्था विकसित की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार यह अंडरपास भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिससे आने वाले वर्षों में बढ़ते वाहन दबाव को भी आसानी से संभाला जा सकेगा। सुल्तानपुर अंडरपास बनने से आसपास स्थित आईटी पार्क, शैक्षणिक संस्थान, आवासीय सेक्टर और औद्योगिक इकाइयों तक पहुंच आसान होगी। इससे दैनिक आवागमन का समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण स्तर में भी कमी आने की उम्मीद है। नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि विकास कार्यों के साथ-साथ नागरिक सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से परियोजना के प्रत्येक चरण की तकनीकी निगरानी की जाएगी और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यातायात सुधार की दिशा में उठाया गया यह कदम नोएडा को बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षित सड़क नेटवर्क और आधुनिक शहरी ढांचे की ओर आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। सुल्तानपुर अंडरपास के निर्माण के साथ ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सफर अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
निर्माण से पहले तैयार होगा वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान
अंडरपास निर्माण के दौरान एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड और 45 मीटर चौड़ी सड़क पर यातायात को अस्थायी रूप से डायवर्ट करना आवश्यक होगा। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण ने पहले से ही वैकल्पिक मार्ग विकसित करने का कार्य शुरू कर दिया है। जहां अंडरपास बनाया जाना है, उससे लगभग 50 मीटर पहले सर्विस रोड और 45 मीटर रोड को जोडऩे के लिए नई लिंक सड़क तैयार की जा रही है। यह मार्ग निर्माण अवधि में वाहनों के सुचारु संचालन का मुख्य विकल्प बनेगा। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले सभी अस्थायी मार्ग पूरी तरह चालू कर दिए जाएंगे ताकि यात्रियों को न्यूनतम परेशानी हो। यातायात पुलिस से मंजूरी मिलने के बाद ट्रैफिक डायवर्जन योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। प्राधिकरण और ट्रैफिक विभाग संयुक्त रूप से निगरानी करेंगे ताकि किसी भी स्थिति में एक्सप्रेसवे पर यातायात ठप न हो।
81 करोड़ की परियोजना, दो वर्षों में पूरा होने का लक्ष्य
करीब 81 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अंडरपास को नोएडा क्षेत्र की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल किया गया है। परियोजना को पूरा होने में दो वर्ष से अधिक समय लगने का अनुमान है। इस अवधि के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन व्यवस्था लागू रहेगी। अंडरपास के निर्माण से एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति नियंत्रित होगी, यू-टर्न और अनियोजित क्रॉसिंग की समस्या समाप्त होगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। विशेष रूप से सुल्तानपुर गांव के निवासियों को एक्सप्रेसवे पार करने में बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी
नोएडा प्राधिकरण
सुल्तानपुर अंडरपास परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव को देखते हुए इस परियोजना की योजना तैयार की गई है, जिससे स्थानीय निवासियों, कार्यालय जाने वाले लोगों तथा दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले विस्तृत यातायात डायवर्जन योजना तैयार की गई है, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आवागमन सुचारु रूप से चलता रहे। प्राधिकरण का लक्ष्य विकास कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पूरा करना है। सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे नोएडा को स्मार्ट, सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात वाला शहर बनाया जा सके।
कृष्णा करुणेश
मुख्य कार्यपालक अधिकारी
नोएडा प्राधिकरण
















