निराश्रित गोवंशों को मिलेगा सुरक्षित आश्रय, नंदी पार्क गौशाला का होगा बड़ा विस्तार

-बढ़ती गोवंश संख्या को देखते हुए 14 हजार वर्गमीटर बढ़ाया जा रहा क्षेत्रफल
-करीब 6.90 करोड़ की लागत से बनेंगे नए शेड, बीमार व छोटे गोवंशों के लिए अलग व्यवस्था
-नगर आयुक्त के निर्देश पर तेज हुई निर्माण प्रक्रिया, आठ माह में कार्य पूर्ण होने का लक्ष्य

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में लगातार बढ़ रही निराश्रित गोवंशों की समस्या को देखते हुए गाजियाबाद नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर नंदी पार्क स्थित निगम गौशाला के क्षेत्रफल का विस्तार किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत गौशाला का क्षेत्रफल लगभग 14 हजार वर्गमीटर बढ़ाया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित आश्रय मिल सकेगा और शहर की सड़कों पर आवारा गोवंशों की समस्या में भी कमी आएगी। नगर निगम प्रशासन के अनुसार वर्तमान समय में नंदी पार्क गौशाला में 1800 से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। लगातार बढ़ती संख्या के कारण गौशाला में स्थान की कमी महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए गौशाला विस्तार योजना को स्वीकृति दी गई। विस्तार के बाद यहां गोवंशों के रखरखाव, स्वास्थ्य और आवागमन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना में आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया गया है।

कुल 14264 वर्गमीटर क्षेत्र में इंटरलॉकिंग, बाउंड्री वॉल निर्माण तथा नाद बनाने का कार्य किया जा रहा है। निगम अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ परियोजना पूर्ण हो सके। शनिवार को मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी एवं उपमुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ अनुज कुमार सिंह ने संयुक्त रुप से निरीक्षण करते हुए बताया कि बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए गौशाला विस्तार का निर्णय लिया गया। योजना के अंतर्गत लगभग 72 मीटर चौड़ाई और 195 मीटर लंबाई में गौशाला का विस्तार किया जा रहा है। यहां पांच नए शेड बनाए जाएंगे, जिनमें तीन शेड में नंदी और नंदिनी को अलग-अलग रखा जाएगा। एक शेड छोटे बछड़ों और बछिया के लिए निर्धारित रहेगा, जबकि एक विशेष शेड बीमार गोवंशों के उपचार एवं देखभाल के लिए बनाया जाएगा।

गोवंशों के बेहतर स्वास्थ्य और प्राकृतिक व्यवहार को ध्यान में रखते हुए गौशाला परिसर में पर्याप्त ओपन स्पेस भी विकसित किया जाएगा, जहां पशु स्वतंत्र रूप से घूम सकेंगे। इसके अलावा हरे चारे और भूसे के भंडारण के लिए भी पर्याप्त स्थान विकसित किया जा रहा है, जिससे भोजन प्रबंधन में किसी प्रकार की समस्या न हो। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने निर्माण विभाग को निर्देश दिए हैं कि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और निर्धारित समय से पहले निर्माण पूरा करने का प्रयास किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से गोवंशों के रहन-सहन, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। छोटे गोवंशों के लिए अलग व्यवस्था, सुरक्षित नाद निर्माण और पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। निगम प्रशासन का कहना है कि गौशाला विस्तार का उद्देश्य केवल गोवंशों को आश्रय देना ही नहीं बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाना है।

सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित गोवंश अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, जिससे नागरिकों और पशुओं दोनों की सुरक्षा प्रभावित होती है। इसी समस्या के समाधान के लिए नगर निगम द्वारा निराश्रित गोवंश पकडऩे के अभियान को भी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। गौशाला के फाउंडेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है और जल्द ही बाउंड्री वॉल निर्माण शुरू किया जाएगा। परियोजना को लगभग आठ माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नगर निगम का मानना है कि गौशाला विस्तार के बाद बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंशों को व्यवस्थित तरीके से रखा जा सकेगा। इससे शहर में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, यातायात बाधाएं कम होंगी और पशु कल्याण के क्षेत्र में गाजियाबाद एक बेहतर मॉडल के रूप में सामने आएगा। यह पहल शहरी विकास के साथ पशु संरक्षण की दिशा में भी निगम की गंभीरता को दर्शाती है।

नरेंद्र कुमार चौधरी
मुख्य अभियंता निर्माण

नगर निगम द्वारा नंदी पार्क गौशाला के विस्तार का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। बढ़ती निराश्रित गोवंशों की संख्या को ध्यान में रखते हुए लगभग 72 मीटर चौड़ाई और 195 मीटर लंबाई में गौशाला का विस्तार किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत इंटरलॉकिंग, बाउंड्री वॉल निर्माण, नाद निर्माण एवं शेड निर्माण जैसे सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुसार किए जा रहे हैं। फाउंडेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है और अब बाउंड्री वॉल एवं अन्य संरचनात्मक कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू किए जा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और लक्ष्य है कि निर्धारित आठ माह की समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कर लिया जाए, ताकि अधिक संख्या में गोवंशों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जा सके।
नरेंद्र कुमार चौधरी
मुख्य अभियंता निर्माण

डॉ. अनुज कुमार सिंह
उपमुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी

गौशाला विस्तार योजना में गोवंशों के स्वास्थ्य, पोषण और आराम को विशेष प्राथमिकता दी गई है। नए निर्माण में नंदी और नंदिनी के लिए अलग-अलग शेड, छोटे बछड़ों एवं बछिया के लिए अलग व्यवस्था तथा बीमार गोवंशों के उपचार हेतु विशेष शेड बनाया जा रहा है। गौशाला परिसर में पर्याप्त ओपन स्पेस विकसित किया जाएगा ताकि गोवंश प्राकृतिक वातावरण में रह सकें। इसके साथ ही हरे चारे, भूसा भंडारण, स्वच्छ पानी और चिकित्सा सुविधा की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। गौशाला विस्तार से न केवल गोवंशों को सुरक्षित आश्रय मिलेगा बल्कि शहर में आवारा गोवंशों की समस्या को भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा।
डॉ. अनुज कुमार सिंह
उपमुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी