हाउस टैक्स को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति अब पूरी तरह खत्म हो गई है। पुरानी बढ़ी हुई दर को खत्म कर दिया गया है। इस बाबत शासनादेश जारी हो चुका है और टैक्स के नये दर को लेकर स्ट्रक्चर जारी किया गया है। सड़क की चौड़ाई के आधार पर पुरानी दरों में 10 से 15 प्रतिशत की मामूली बढ़ोत्तरी के साथ नया टैक्स वसूला जाएगा। विदित हो कि एक दशक से भी लंबे समय से गाजियाबाद में हाउस टैक्स में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई थी। लगभग 5 वर्ष पूर्व गाजियाबाद नगर निगम में डीएम सर्किल के आधार पर हाउस टैक्स लगाने का निर्णय लिया। टैक्स बढ़ोत्तरी के खिलाफ कुछ लोग इलाहाबाद हाईकोर्ट चले गये। कोर्ट ने टैक्स बढ़ोत्तरी को जायज मानते हुए नई दर से टैक्स वसूली के पक्ष में फैसला सुनाया। टैक्स बढ़ोत्तरी का राजनैतिक विरोध शुरू हो गया। चुंकि नगर निगम अधिनियम के अनुसार टैक्स में बढ़ोत्तरी की गई थी। ऐसे में टैक्स में किसी प्रकार की कमी का निर्णय शासन स्तर पर ही संभव था। मेयर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के संयुक्त प्रयास के बाद शासन ने टैक्स को कम करने को लेकर आदेश जारी किया। 10 अप्रैल 2026 को जारी शासनादेश के अनुसार टैक्स की दरों को 12 कैटेगरी में विभाजित किया गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने प्रेस वार्ता में विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से नई टैक्स प्रणाली को समझाया। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि कोई करदाता सभी छूटों का लाभ लेता है, तो उसे केवल 10 से 15 प्रतिशत तक ही अधिक टैक्स देना होगा। वहीं बिना किसी छूट के यह बढ़ोतरी लगभग 20 प्रतिशत तक हो सकती है। कई मामलों में टैक्स में पहले से कमी भी होगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ शहरवासियों को राहत देना भी है।
हाईलाइट
– 1 अप्रैल 2024 से प्रभावी होंगी हाउस टैक्स की नई दर, तीन महीने तक ब्याज से मिलेगी राहत
– समस्त छूट के बाद अब आवासीय भवनों पर निर्धारित टैक्स में होगी 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी
– टैक्स का ऑनलाइन भुगतान करने पर 2 प्रतिशत और कूड़ा पृथक्करण पर 10 प्रतिशत की मिलेगी छूट
– समस्त छूट के बाद अब आवासीय भवनों पर निर्धारित टैक्स में होगी 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी
– टैक्स का ऑनलाइन भुगतान करने पर 2 प्रतिशत और कूड़ा पृथक्करण पर 10 प्रतिशत की मिलेगी छूट
– जिन्होंने बढ़ी दरों के साथ जमा कराया टैक्स उनका आगामी 3 साल में होगा समायोजन
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। हाउस टैक्स को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति अब खत्म हो गई है। पुरानी बढ़ी हुई दर को खत्म कर दिया गया है। इस बाबत शासनादेश जारी हो चुका है और टैक्स के नये दर को लेकर स्ट्रक्चर जारी किया गया है। सड़क की चौड़ाई के आधार पर पुरानी दरों में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ नया टैक्स वसूला जाएगा। शासनादेश जारी होने के बाद गाजियाबाद नगर निगम ने हाउस टैक्स की नई दरों और छूट का पूरा खाका पेश कर दिया है। शनिवार को नगर निगम मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मेयर सुनीता दयाल, विधायक अजीत पाल त्यागी, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी सुनील राय ने हाउस टैक्स को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। प्रेस वार्ता के दौरान नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शासन द्वारा निर्धारित हाउस टैक्स की दर को लेकर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। नगर आयुक्त ने बताया कि हाउस टैक्स में छूट का लाभ सभी लोगों को मिलेगा और यह 1 अप्रैल 2024 से प्रभावी माना जाएगा। जिन लोगों ने बढ़ी दरों के साथ टैक्स जमा करा रखा है उनके द्वारा जमा अतिरिक्त टैक्स को आगामी 3 साल में समायोजित कर दिया जाएगा।
गाजियाबाद। शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। हाउस टैक्स को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति अब खत्म हो गई है। पुरानी बढ़ी हुई दर को खत्म कर दिया गया है। इस बाबत शासनादेश जारी हो चुका है और टैक्स के नये दर को लेकर स्ट्रक्चर जारी किया गया है। सड़क की चौड़ाई के आधार पर पुरानी दरों में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ नया टैक्स वसूला जाएगा। शासनादेश जारी होने के बाद गाजियाबाद नगर निगम ने हाउस टैक्स की नई दरों और छूट का पूरा खाका पेश कर दिया है। शनिवार को नगर निगम मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मेयर सुनीता दयाल, विधायक अजीत पाल त्यागी, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी सुनील राय ने हाउस टैक्स को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। प्रेस वार्ता के दौरान नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शासन द्वारा निर्धारित हाउस टैक्स की दर को लेकर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। नगर आयुक्त ने बताया कि हाउस टैक्स में छूट का लाभ सभी लोगों को मिलेगा और यह 1 अप्रैल 2024 से प्रभावी माना जाएगा। जिन लोगों ने बढ़ी दरों के साथ टैक्स जमा करा रखा है उनके द्वारा जमा अतिरिक्त टैक्स को आगामी 3 साल में समायोजित कर दिया जाएगा।
विदित हो कि एक दशक से भी लंबे समय से गाजियाबाद में हाउस टैक्स में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई थी। लगभग 5 वर्ष पूर्व गाजियाबाद नगर निगम में डीएम सर्किल के आधार पर हाउस टैक्स लगाने का निर्णय लिया। टैक्स बढ़ोत्तरी के खिलाफ कुछ लोग इलाहाबाद हाईकोर्ट चले गये। कोर्ट ने टैक्स बढ़ोत्तरी को जायज मानते हुए नई दर से टैक्स वसूली के पक्ष में फैसला सुनाया। टैक्स बढ़ोत्तरी का राजनैतिक विरोध शुरू हो गया। चुंकि नगर निगम अधिनियम के अनुसार टैक्स में बढ़ोत्तरी की गई थी। ऐसे में टैक्स में किसी प्रकार की कमी का निर्णय शासन स्तर पर ही संभव था। मेयर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के संयुक्त प्रयास के बाद शासन ने टैक्स को कम करने को लेकर आदेश जारी किया। 10 अप्रैल 2026 को जारी शासनादेश के अनुसार टैक्स की दरों को 12 कैटेगरी में विभाजित किया गया है।
मेयर सुनीता दयाल ने बताया कि नगर निगम ने शहरहित को ध्यान में रखते हुए पुरानी छूट व्यवस्था को जारी रखा है। इसके तहत 10 वर्ष तक पुराने भवनों पर निर्धारित एआरवी (वार्षिक किराया मूल्य) पर 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वहीं 10 से 20 वर्ष पुराने भवनों पर 32.5 प्रतिशत और 20 वर्ष से अधिक पुराने भवनों पर 40 प्रतिशत तक की छूट जारी रहेगी। इसके अलावा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन हाउस टैक्स जमा करने पर 2 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलेगी। वहीं कूड़ा पृथक्करण को प्रोत्साहित करने के लिए 10 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी। नगर निगम द्वारा पहले से दी जा रही 20 प्रतिशत की छूट को भी तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने प्रेस वार्ता में विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से नई टैक्स प्रणाली को समझाया। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि कोई करदाता सभी छूटों का लाभ लेता है, तो उसे केवल 10 से 15 प्रतिशत तक ही अधिक टैक्स देना होगा। वहीं बिना किसी छूट के यह बढ़ोतरी लगभग 20 प्रतिशत तक हो सकती है। कई मामलों में टैक्स में पहले से कमी भी होगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ शहरवासियों को राहत देना भी है। एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि शासन के निदेर्शों के अनुरूप टैक्स विभाग को नई व्यवस्था लागू करने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पारदर्शिता के साथ कार्य करने और अधिक से अधिक करदाताओं को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। विधायक अजीत पाल त्यागी ने कहा कि यह फैसला शहर के विकास और नागरिकों की सुविधा दोनों को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे समय पर टैक्स जमा कर नगर निगम के विकास कार्यों में सहयोग करें।
















