-समाज से जुड़े मुद्दों और अधिकारों को लेकर रखा गया विस्तृत पक्ष
-देशभर में ब्राह्मण समाज के साथ हो रहे भेदभाव पर जताई चिंता
-समान अवसर, सम्मान और भागीदारी सुनिश्चित करने की उठी मांग
-राज्यपाल ने सकारात्मक संवाद और संवैधानिक दायरे में समाधान का दिया आश्वासन
उदय भूमि संवाददाता
हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित लोक भवन में सोमवार को जन सेवक तरुण मिश्र ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार मुलाकात कर विभिन्न सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। मुलाकात के दौरान जन सेवक तरुण मिश्र ने देशभर में ब्राह्मण समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को विस्तार से राज्यपाल के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज के एक वर्ग को कई स्तरों पर उपेक्षा और असमानता का सामना करना पड़ रहा है, जिसे गंभीरता से समझने और समाधान निकालने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश के कई स्थानों पर ब्राह्मण समाज को मूलभूत सुविधाओं से वंचित किए जाने, सामाजिक संतुलन में उपेक्षा तथा राजनीतिक स्तर पर केवल वोट बैंक के रूप में उपयोग किए जाने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। तरुण मिश्र ने राज्यपाल को बताया कि शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक प्रतिनिधित्व जैसे विषयों पर संतुलित नीति बनाना समय की मांग है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समाज की मजबूती उसके सभी वर्गों को समान अवसर मिलने पर निर्भर करती है।
यदि किसी वर्ग को लगातार अनदेखा किया जाता है तो सामाजिक असंतुलन पैदा होता है, जिसका प्रभाव व्यापक स्तर पर दिखाई देता है। बैठक के दौरान उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज के कई लोग अपने अधिकारों और पहचान को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर संवाद की आवश्यकता है, जिससे सभी समुदायों के बीच समरसता और विश्वास मजबूत किया जा सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सामाजिक मुद्दों को राजनीतिक दृष्टिकोण से हटाकर संवैधानिक और मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने जनसेवक तरुण मिश्र की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक और समाज की आवाज महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि समाज से जुड़े विषयों को संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक समरसता के आधार पर देखा जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि संवाद ही किसी भी समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम है और सकारात्मक विचार-विमर्श से ही समाज में संतुलन और विश्वास कायम रहता है। राज्यपाल ने यह भी कहा कि देश की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और सभी वर्गों को साथ लेकर चलना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है। उन्होंने सामाजिक संगठनों और जन प्रतिनिधियों से शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
मुलाकात के बाद तरुण मिश्र ने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं बल्कि समाज के मुद्दों को संवाद के माध्यम से आगे बढ़ाना है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में विभिन्न सामाजिक संगठनों और शासन-प्रशासन के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित होगा, जिससे सभी वर्गों को समान अवसर और सम्मान मिल सकेगा। यह मुलाकात सामाजिक सरोकारों को संवैधानिक मंच तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस बैठक को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सामाजिक मुद्दों पर व्यापक विमर्श और नीति स्तर पर संवाद की संभावनाएं और मजबूत होंगी। राज्यपाल भवन में हुई यह शिष्टाचार भेंट सामाजिक प्रतिनिधित्व और संवाद आधारित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

















