इज्जत के विवाद में रिश्तेदारों ने रची साजिश, पांच गोलियां मारकर जितेंद्र चौहान की हत्या का खुलासा, रिश्तेदार निकले हत्यारे

-दुष्कर्म के प्रयास से नाराज परिजनों ने बनाया हत्या का प्लान
-नाबालिग समेत चार आरोपी गिरफ्तार, हथियार भी बरामद
-मिर्च पाउडर डालकर फ्लाईओवर के नीचे बुलाया, फिर बरसाईं गोलियां

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कविनगर थाना पुलिस और स्वॉट टीम ने बहुचर्चित जितेंद्र चौहान हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए रिश्तों के भीतर छिपी रंजिश और सम्मान के विवाद को हत्या की मुख्य वजह बताया है। पुलिस ने मामले में मृतक के फुफेरे भाई, दो भांजों और बहनोई को गिरफ्तार किया है, जबकि घटना में शामिल एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक जितेंद्र चौहान पर अपनी ही रिश्तेदारी की नाबालिग बहन और उसकी मां के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप था। इसी घटना से आक्रोशित होकर परिजनों ने सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या की साजिश रची और पांच गोलियां मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। सोमवार को एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य ने थाना प्रभारी निरीक्षक अनुराग शर्मा की मौजूदगी में प्रेस वार्ता कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वेव सिटी थाना क्षेत्र के गांव शाहपुर-बम्हैटा निवासी जितेंद्र चौहान का शव नौ अप्रैल को डायमंड फ्लाईओवर के पास नाले में मिला था। शव पर पांच गोलियों के निशान मिलने से हत्या की आशंका गहराई थी।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जितेंद्र चौहान ने दो शादियां कर रखी थीं और दोनों परिवारों को अलग-अलग रखता था। पूछताछ में गिरफ्तार फुफेरे भाई ने खुलासा किया कि जितेंद्र ने उसकी नाबालिग बहन और मां के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया था। पारिवारिक बदनामी के डर से मामला दबा दिया गया, लेकिन इसके बाद जितेंद्र अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर तंज कसता और विरोध करने पर मारपीट करता था। आरोपी को यह भी जानकारी मिली कि जितेंद्र ने अपने भांजे की पत्नी के साथ भी छेड़छाड़ की थी। लगातार हो रही घटनाओं से नाराज होकर फुफेरे भाई ने दो भांजों और बहनोई के साथ मिलकर हत्या की योजना तैयार की। पुलिस के अनुसार, नौ अप्रैल की शाम नाबालिग भांजे ने फोन कर जितेंद्र को बताया कि उसका भाई शराब के नशे में डायमंड फ्लाईओवर के नीचे पड़ा है और उसे घर ले जाना है। योजना के तहत आरोपी पहले से मौके पर घात लगाए बैठे थे। जैसे ही जितेंद्र स्कूटी से वहां पहुंचा और जमीन पर लेटे युवक को उठाने झुका, तभी आरोपी ने उसकी आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। अचानक हुए हमले से घबराए जितेंद्र पर फुफेरे भाई और बहनोई ने तमंचे व पिस्टल से गोली चला दी।

घायल अवस्था में वह बचने के लिए भागा, लेकिन अंधेपन और दर्द के कारण नाले में गिर गया। इसके बाद आरोपियों ने नाले में उतरकर उस पर दोबारा फायरिंग की और कुल पांच गोलियां मारकर मौत की पुष्टि करने के बाद मौके से फरार हो गए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने सात अप्रैल की रात को भी वेव सिटी क्षेत्र में जितेंद्र पर फायरिंग की थी, लेकिन गोली नहीं लगी और उसे घटना की जानकारी तक नहीं हुई। असफल प्रयास के बाद दो दिन बाद साजिश को अंजाम दिया गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव, बॉबी, विशांत और एक नाबालिग के रूप में की है, जो मूल रूप से जनपद हापुड़ के निवासी हैं। आरोपियों के कब्जे से .32 बोर की देशी पिस्टल, एक देशी तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं।

थाना प्रभारी निरीक्षक अनुराग शर्मा ने बताया कि हत्या के खुलासे के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई थीं। मृतक की पत्नी शीतल चौहान की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। लोकल इनपुट, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर महागुन सोसायटी के पीछे कच्चे रास्ते से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी और आरोपी लंबे समय से मौके की तलाश में थे। फिलहाल नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों को जेल भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।