- 451 शिक्षामित्रों को मिला बढ़े मानदेय का लाभ, सम्मान समारोह बना उत्साह और प्रेरणा का मंच
- शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव, सरकार उनके सम्मान व अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध: सुनील शर्मा
- शिक्षा को मजबूत बनाने में शिक्षामित्रों को हर स्तर पर मिलेगा सरकार का सहयोग: संजीव शर्मा
- शिक्षामित्रों को बताया शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव, सरकार ने जताई प्रतिबद्धता
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मेधावी छात्राओं के सम्मान से समारोह बना यादगार
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन सभागार में मंगलवार को शिक्षामित्र सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण समारोह का भव्य और गरिमामयी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। समारोह का मुख्य उद्देश्य शिक्षामित्रों के योगदान को सम्मानित करना तथा उनके बढ़े हुए मानदेय की सौगात देना रहा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, नगर महापौर सुनीता दयाल, गाजियाबाद शहर विधायक संजीव शर्मा और लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने सभी अतिथियों का पौधा और भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया। पूरे सभागार में उत्साह और सम्मान का माहौल देखने को मिला। अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि शिक्षामित्र प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। महापौर सुनीता दयाल ने शिक्षामित्रों को समाज के भविष्य का निर्माता बताते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा और संस्कार निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शहर विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है और शिक्षामित्रों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। वहीं लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने शिक्षामित्रों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षामित्रों का सम्मान वास्तव में पूरे समाज का सम्मान है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए शिक्षामित्रों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री का ऑनलाइन संबोधन भी सभागार में प्रसारित किया गया, जिसे उपस्थित शिक्षामित्रों और अधिकारियों ने ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम में शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक रूप से बढ़े हुए मानदेय के चेक प्रदान किए गए। लोनी, रजापुर, मुरादनगर, भोजपुर और नगर क्षेत्र के कुल 451 शिक्षामित्रों के खातों में बढ़ा हुआ मानदेय पहुंचने की जानकारी दी गई। प्रदेश स्तर पर लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इस योजना का लाभ मिला है।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। प्राथमिक विद्यालय भनेड़ा खुर्द लोनी के बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की। पीएम श्री विद्यालय मोरटी के विद्यार्थियों द्वारा हरियाणवी नृत्य और कंपोजिट विद्यालय गढ़ी कटैया की छात्राओं द्वारा उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति पर आधारित कजरी नृत्य ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्साह और उमंग से भर दिया। इस अवसर पर उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय लोनी की तीन मेधावी छात्राओं-गुलाफ्शा खातून, तानिया और बुशरा-को दसवीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। छात्राओं को क्रमश: 87.3, 85.6 और 83.2 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर उत्कृष्टता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। जिलाधिकारी ने तीनों छात्राओं को जिला प्रशासन की ओर से लैपटॉप प्रदान करने की घोषणा की, जबकि विधायक नंद किशोर गुर्जर ने विद्यालय में अध्ययन संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम का संचालन पूनम शर्मा ने प्रभावशाली ढंग से किया। समारोह में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश यादव, सह जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश चंद्र पांडेय, पवन भाटी, समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक तथा शिक्षा विभाग के बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सम्मान, संस्कृति और प्रेरणा का संगम बने इस आयोजन ने शिक्षामित्रों के मनोबल को नई ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शिक्षामित्रों का योगदान अमूल्य है और उनके सम्मान तथा अधिकारों को सुनिश्चित करना समाज और सरकार दोनों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह आयोजन शिक्षामित्रों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक कदम साबित हुआ।
















