चार्ज संभालते ही एक्शन मोड में CDO कुमार सौरभ, रोजगार-स्वरोजगार योजनाओं को दी नई रफ्तार

-विकास योजनाओं की सख्त समीक्षा, बैंकों को समन्वय बढ़ाने के निर्देश
-युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर प्रशासन का फोकस, लक्ष्य आधारित कार्यशैली से बढ़ेगी रोजगार की गति
-रोजगार योजनाओं की प्रगति, ऋण वितरण और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष फोकस

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद में नवागत मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने कार्यभार ग्रहण करते ही प्रशासनिक सक्रियता का परिचय देते हुए विकास योजनाओं की गति तेज करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। विकास भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में शुक्रवार को आयोजित बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित रोजगारपरक, स्वरोजगार और कौशल प्रशिक्षण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2026-27 में शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं की प्रगति सुनिश्चित करना तथा लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करना रहा। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब उन्हें समयबद्ध, पारदर्शी और परिणाम आधारित तरीके से लागू किया जाए। समीक्षा बैठक में जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, राजकीय पॉलिटेक्निक गाजियाबाद तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा संचालित योजनाओं का विभागवार आकलन किया गया। प्रत्येक विभाग से लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धियों की जानकारी ली गई और जहां प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाई गई, वहां संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने कहा कि रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाएं प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। युवाओं को स्वरोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोडऩा प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की जानकारी प्रभावी रूप से पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को लाभ मिल सके।
बैठक में विशेष रूप से जिला उद्योग केंद्र द्वारा संचालित मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री उद्यमी विकास अभियान योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने पाया कि कई आवेदनों को बैंकों में भेजे जाने के बावजूद ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधकों और शाखा प्रबंधकों से नियमित समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का शीघ्र समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल आवेदन स्वीकार करना नहीं बल्कि वास्तविक रूप से युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसलिए ऋण वितरण प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।

कुमार सौरभ ने कौशल विकास मिशन तथा तकनीकी शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को स्थानीय उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप बनाया जाए। इससे प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी और औद्योगिक क्षेत्र को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध होगा। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपस्थिति, प्लेसमेंट और परिणामों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नवागत मुख्य विकास अधिकारी की कार्यशैली बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जहां उन्होंने आंकड़ों के साथ समीक्षा करते हुए अधिकारियों से जवाबदेही तय की। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए और किसी भी स्तर पर लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्य संस्कृति विकसित करना आवश्यक है। बैठक में उपायुक्त उद्योग आशुतोष सिंह, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक गाजियाबाद के प्रधानाचार्य तथा जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी कुलमोहित सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। चार्ज संभालते ही मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ द्वारा की गई यह समीक्षा बैठक प्रशासनिक सक्रियता और परिणामोन्मुख कार्यशैली का संकेत मानी जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में गाजियाबाद में रोजगार, उद्यमिता और कौशल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में नई गति देखने को मिलेगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जिले के समग्र विकास को मजबूती मिलेगी।