प्रधानमंत्री के आह्वान का सर्राफा कारोबारियों ने किया समर्थन, पुराने आभूषणों की खरीद पर जीएसटी समाप्त करने की उठी मांग

-वैश्विक आर्थिक हालात पर मंथन, सर्राफा कारोबार को राहत देने की मांग तेज
-वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े जिलाधिकारी, व्यापारियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं
-एमसीएक्स पर प्रतिबंध व बड़ी कंपनियों की निगरानी बढ़ाने की भी उठी आवाज

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मोहन नगर स्थित राज्य कर विभाग के क्षेत्रीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान में सोमवार को राज्य कर विभाग के अधिकारियों और सर्राफा व्यापारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, सोने की बढ़ती कीमतों तथा सर्राफा व्यापार पर पड़ रहे प्रभावों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोने की खरीद को लेकर किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए सरकार से व्यापारिक राहत से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। बैठक के दौरान सर्राफा व्यापारियों ने प्रमुख रूप से पुराने आभूषणों की खरीद और रिपेयरिंग कार्य पर जीएसटी समाप्त किए जाने की मांग उठाई। व्यापारियों का कहना था कि पुराने गहनों की खरीद बिक्री वास्तव में पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) प्रक्रिया का हिस्सा है, जिस पर टैक्स लगने से छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लेते हुए व्यापारियों की समस्याओं को सुना और राज्य कर विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा तथा यदि किसी व्यापारी को कोई कठिनाई है तो वह प्रशासन को ज्ञापन देकर अवगत करा सकता है।

बैठक में राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री द्वारा वैश्विक आर्थिक संकट के मद्देनज़र सोने की खरीद में संयम बरतने की अपील पर भी चर्चा की। अधिकारियों ने कहा कि यह अपील राष्ट्रहित और आर्थिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सर्राफा व्यापारियों ने भी इस आह्वान पर सहमति जताते हुए कहा कि व्यापारी वर्ग देशहित में सरकार के साथ खड़ा है। सर्राफा एसोसिएशन गाजियाबाद के संरक्षक राज किशोर गुप्ता ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और सोने की लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। ऐसे समय में सरकार को व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि पुराने आभूषणों की खरीद और रिपेयरिंग कार्य को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाए, ताकि छोटे और मध्यम स्तर के सर्राफा कारोबारियों को राहत मिल सके।

व्यापारियों ने बैठक में एमसीएक्स पर प्रतिबंध लगाने, सोने से संबंधित कारोबार करने वाली बड़ी कंपनियों पर समान नियम लागू करने तथा बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ाने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि असंगठित और छोटे व्यापारियों को प्रतिस्पर्धा में बनाए रखने के लिए नियामकीय संतुलन आवश्यक है। सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरविन्दर कुमार गांधी और मंत्री गौरव गर्ग सहित अन्य व्यापारियों ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि सरकार और व्यापारी मिलकर ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से व्यापार हितों को ध्यान में रखते हुए ठोस निर्णय लेने की अपेक्षा जताई।

बैठक में राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-1 जोन प्रथम राम केश्वर ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई अपील का पालन करना देशहित में आवश्यक है और आर्थिक संतुलन बनाए रखने में व्यापारी वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस पर उपस्थित व्यापारियों ने सहमति व्यक्त करते हुए सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य, अपर आयुक्त ग्रेड-2 जोन द्वितीय मोनू त्रिपाठी, संयुक्त आयुक्त कार्यपालक रेंज-ए चंद्रकांत भूषण, उपायुक्त प्रशासन राज्य कर विभाग सहित अन्य अधिकारी एवं व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक को प्रशासन और व्यापारियों के बीच संवाद व समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।