मुख्यमंत्री योगी ने समरकूल को सौंपी औद्योगिक विकास की नई जिम्मेदारी, गीडा में मिला 25 हजार वर्गमीटर का भूखंड

-योगी सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों से उत्तर प्रदेश बना निवेशकों की पहली पसंद: संजीव कुमार गुप्ता
-100 करोड़ से अधिक के निवेश के साथ गोरखपुर में स्थापित होगा समरकूल का अत्याधुनिक औद्योगिक संयंत्र
-500 से अधिक युवाओं को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगार, पूर्वांचल की औद्योगिक तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा कदम

उदय भूमि संवाददाता
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के अंतर्गत आयोजित औद्योगिक भूखंड वितरण कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के प्रतिष्ठित घरेलू उपकरण निर्माता ब्रांड समरकूल होम एप्लायंसेज़ लिमिटेड के चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता को 25,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल का औद्योगिक भूखंड आवंटन पत्र प्रदान किया। इस अवसर को पूर्वांचल के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। समरकूल होम एप्लायंसेज़ लिमिटेड इस भूखंड पर अत्याधुनिक औद्योगिक इकाई स्थापित करेगा, जिसमें 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। कंपनी की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न केवल गोरखपुर बल्कि पूरे पूर्वांचल क्षेत्र को आर्थिक और औद्योगिक दृष्टि से नई मजबूती मिलेगी। साथ ही इस इकाई के स्थापित होने से 500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

घरेलू उपकरणों के क्षेत्र में समरकूल एक तेजी से उभरता हुआ और भरोसेमंद भारतीय ब्रांड माना जाता है। गुणवत्तापूर्ण उत्पादों, आधुनिक तकनीक और उपभोक्ताओं की जरूरतों के अनुरूप नवाचार के कारण कंपनी ने देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। अब गोरखपुर में प्रस्तावित नए संयंत्र के माध्यम से कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार करने के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश को विनिर्माण गतिविधियों का नया केंद्र बनाने की दिशा में भी योगदान देगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में बेहतर आधारभूत संरचना, सरल नीतियां और पारदर्शी प्रशासन के कारण देश-विदेश की कंपनियां निवेश के लिए आगे आ रही हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश के माध्यम से रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। समरकूल होम एप्लायंसेज़ लिमिटेड के चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता ने आवंटन पत्र प्राप्त करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में उद्योगों के लिए तैयार किया गया सकारात्मक वातावरण आज देशभर के निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने औद्योगिक विकास, कानून व्यवस्था और निवेश सुविधा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। संजीव कुमार गुप्ता ने कहा समरकूल परिवार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उद्योग जगत को प्रदान किए जा रहे सहयोग और प्रोत्साहन के लिए हृदय से आभारी है। गोरखपुर में हमारी नई इकाई केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं होगी, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगी। हम माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने की दिशा में अपना पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आगे कहा कि कंपनी अत्याधुनिक तकनीक, उच्च गुणवत्ता मानकों और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को विकसित करेगी। इससे न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर कौशल विकास और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर समरकूल के सेल्स हेड नरेश बत्रा तथा कंपनी के सी एंड एफ पार्टनर संतोष इलेक्ट्रिकल्स के अजय अग्रवाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी इस उपलब्धि को कंपनी के विकास के नए अध्याय की शुरुआत बताते हुए कहा कि गोरखपुर में स्थापित होने वाली इकाई भविष्य में क्षेत्र के औद्योगिक विकास की नई पहचान बनेगी। गीडा में समरकूल जैसी प्रतिष्ठित कंपनी का निवेश पूर्वांचल को औद्योगिक मानचित्र पर और अधिक मजबूत बनाएगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और सहायक उद्योगों के विकास को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की औद्योगिक विकास केंद्रित नीतियों और समरकूल जैसी कंपनियों के निवेश से उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर और विकसित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह परियोजना न केवल समरकूल की विकास यात्रा में नया अध्याय जोड़ेगी, बल्कि गोरखपुर और पूर्वांचल के औद्योगिक भविष्य को भी नई उड़ान देगी।