-डीवीएफ, रेडक्रॉस और सेवा शिविर संचालकों के साथ मंथन, सुरक्षित और व्यवस्थित कांवड़ यात्रा का तैयार हुआ ब्लूप्रिंट
-‘सेवा भी, सुरक्षा भी’ के मंत्र पर एसीपी ने जोड़ी सामाजिक संस्थाएं, संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल सूचना देने की अपील
-पिछले वर्षों की सफल व्यवस्थाओं का किया उल्लेख, इस बार भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा रहेगी सर्वोच्च प्राथमिकता
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए गाजियाबाद पुलिस ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ के निर्देशन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार जनसंवाद और समन्वय बैठकों का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में रविवार को एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने राजनगर एक्सटेंशन स्थित शांति फार्म हाउस में डिजिटल वॉलंटियर फोर्स, रेडक्रॉस सोसायटी, कांवड़ सेवा शिविर संचालकों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान एसीपी जियाउद्दीन अहमद ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन की साझा भागीदारी का बड़ा आयोजन है। लाखों शिवभक्तों की आस्था से जुड़े इस महापर्व को सफल बनाने के लिए पुलिस और स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव कराना है। बैठक में एसीपी ने अब तक की गई तैयारियों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि संवेदनशील स्थानों की पहचान, यातायात प्रबंधन, आपातकालीन सहायता और सेवा शिविरों के संचालन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। उन्होंने सेवा शिविर संचालकों और स्वयंसेवकों से कहा कि वे पूरी यात्रा के दौरान अनुशासन, संयम और सेवा भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अफवाह या कानून व्यवस्था से जुड़े मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। एसीपी जियाउद्दीन अहमद की कार्यशैली का सबसे बड़ा पहलू यह रहा कि उन्होंने बैठक को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सभी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से सुझाव भी आमंत्रित किए। उन्होंने प्रत्येक स्वयंसेवी संगठन की भूमिका को गंभीरता से सुना और उनके अनुभवों के आधार पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।
उनका मानना है कि जब पुलिस और समाज एक मंच पर मिलकर काम करते हैं, तब बड़े से बड़ा आयोजन भी सहज, सुरक्षित और सफल बन जाता है। बैठक में एसीपी ने पिछले वर्षों में डिजिटल वॉलंटियर फोर्स और रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा निभाई गई सराहनीय भूमिका का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं के स्वयंसेवकों ने न केवल श्रद्धालुओं की सेवा की, बल्कि यातायात व्यवस्था संभालने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने और आपात परिस्थितियों में पुलिस का प्रभावी सहयोग देकर कांवड़ यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी अनुभव और समर्पण को इस वर्ष भी आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।
बैठक में मौजूद डिजिटल वॉलंटियर फोर्स, रेडक्रॉस सोसायटी, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वे पुलिस प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेंगे। बैठक के अंत में एसीपी जियाउद्दीन अहमद ने कहा कि गाजियाबाद पुलिस का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि पुलिस, प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं के बेहतर समन्वय तथा जनसहभागिता से इस वर्ष की कांवड़ यात्रा भी शांति, सुरक्षा और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी।















