5000 योग साधकों के संग गूंजा गाजियाबाद, ‘निरोग भारत’ का लिया सामूहिक संकल्प

-नियमित योग ही स्वस्थ, निरोग और तनावमुक्त जीवन की सबसे बड़ी कुंजी: सुनील कुमार शर्मा
-जिला प्रशासन और आयुष विभाग ने आईएमएस कॉलेज परिसर में मनाया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
-योगाचार्य यश पाराशर ने कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत कराया योगाभ्यास, डीएम रविन्द्र कुमार ने अतिथियों और सहयोगियों को किया सम्मानित

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग की ओर से आईएमएस कॉलेज, एनएच-9, डासना के विशाल परिसर में भव्य सामूहिक योग सत्र का आयोजन किया गया। योग दिवस इस वर्ष जनभागीदारी के उत्सव के रूप में नजर आया, जहां करीब 5000 योग साधकों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ, निरोग और तनावमुक्त जीवन का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सकों, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा, भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ तथा क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अशोक कुमार राना ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। राष्ट्रगान के बाद सामूहिक योगाभ्यास की शुरुआत हुई और पूरे परिसर में अनुशासन, ऊर्जा तथा सकारात्मक वातावरण का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने उपस्थित हजारों योग साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जिसे आज पूरी दुनिया ने अपनाया है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, मानसिक दबाव और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच योग सबसे सरल, सुरक्षित और प्रभावी उपचार है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकाले तो अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखने वाली संपूर्ण जीवन पद्धति है। योग व्यक्ति को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, अनुशासन और मानसिक शांति प्रदान करता है। उन्होंने इतने विशाल और सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सामूहिक योग सत्र का संचालन प्रसिद्ध योगाचार्य यश पाराशर ने किया। उन्होंने भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार सभी प्रतिभागियों को विधिवत योगाभ्यास कराया। योगाचार्य ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, त्रिकोणासन, सूर्य नमस्कार सहित विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। साथ ही उन्होंने बताया कि नियमित योग और ध्यान के माध्यम से तनाव, अनिद्रा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा और अन्य जीवनशैली संबंधी रोगों से बचाव संभव है। उन्होंने कहा कि योग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ मानसिक संतुलन और कार्यक्षमता को भी मजबूत करता है। कार्यक्रम में उपस्थित योग साधकों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया। विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने एक साथ योग कर यह संदेश दिया कि योग किसी विशेष वर्ग तक सीमित नहीं, बल्कि हर आयु और हर व्यक्ति के लिए लाभकारी है। कार्यक्रम के दौरान योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक जीवनशैली के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया तथा लोगों से नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।

समापन अवसर पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने सभी अतिथियों, योगाचार्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो और योग जैसी सकारात्मक जीवनशैली को अपनाए। उन्होंने योग दिवस के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विभागों और संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि जनसहभागिता से ही ऐसे अभियान व्यापक सफलता प्राप्त करते हैं। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से मुख्य अतिथियों एवं आयोजन में विशेष सहयोग देने वाले सीए (डॉ.) राकेश छारिया, मैनेजिंग ट्रस्टी, आईएमएस कॉलेज, ललित जायसवाल, चीफ वार्डेन सिविल डिफेंस तथा अनिल अग्रवाल, पूर्व डिप्टी चीफ वार्डेन सिविल डिफेंस को प्रतीक चिह्न एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, जिला विकास अधिकारी, जिला परियोजना अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, आयुष विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और नागरिकों ने भाग लेकर योगाभ्यास किया। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि योग केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि स्वस्थ, जागरूक, आत्मनिर्भर और समृद्ध समाज के निर्माण की आधारशिला है। हजारों लोगों की सामूहिक भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि गाजियाबाद में योग अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्रतिदिन योग करने, अपने परिवार और समाज को भी योग के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया।