‘नशा नहीं, नया भारत चुनें’-आबकारी विभाग ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ, युवाओं को किया जागरूक

-‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत आबकारी विभाग का संकल्प, युवाओं को नशे से दूर रखने का लिया प्रण
-नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों को करता है बर्बाद, जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार: सुबोध कुमार श्रीवास्तव
-आबकारी निरीक्षकों और विभागीय टीम ने ली शपथ, स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज बनाने का किया आह्वान

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज में नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग द्वारा  ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत गुरुवार को जिला आबकारी कार्यालय में नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने विभाग के आबकारी निरीक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य को भी प्रभावित करता है। इसलिए नशे के खिलाफ जनभागीदारी और जागरूकता सबसे प्रभावी हथियार है।
शपथ कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे किसी भी प्रकार के हानिकारक अथवा अवैध नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे और न ही किसी को इसके लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी वचन दिया कि समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग नशे की लत से दूर रहकर स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जी सकें। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के बीच नशीले पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग की प्रवृत्ति गंभीर चिंता का विषय है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो इसके दूरगामी और घातक परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की सोच, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित करता है। यही कारण है कि सरकार नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और समाज के हर वर्ग को इस मुहिम से जोडऩे का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत का सपना केवल सरकारी प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए समाज के प्रत्येक नागरिक, अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। जब हर व्यक्ति स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प लेगा और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेगा, तभी इस सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे अपने जीवन में किसी भी प्रकार के अवैध अथवा हानिकारक नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करेंगे। साथ ही अपने परिवार, मित्रों और समाज के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि वे युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर उन्हें सकारात्मक, स्वस्थ और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि नशे से दूर रहना केवल एक शपथ नहीं, बल्कि जीवनभर निभाया जाने वाला सामाजिक और नैतिक दायित्व है। स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवन ही एक मजबूत समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने आसपास यदि किसी व्यक्ति को नशे की लत में फंसा देखें तो उसे सही मार्गदर्शन दें और नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम में आबकारी निरीक्षक अखिलेश बिहारी वर्मा, दीनेन्द्र सिंह सहित आबकारी विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराते हुए कहा कि  ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभा सके।