-जिला कार्यकारिणी की बैठक में सदस्यता अभियान, जनजागरण गोष्ठियों और तिरंगा यात्रा की रूपरेखा तय
-25 सितंबर को लखनऊ में होने वाली विशाल रैली को सफल बनाने के लिए पदाधिकारियों ने लिया संकल्प
-जनप्रतिनिधियों से मिलकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाने और शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा पर जताया जाएगा आभार
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली और निजीकरण के विरोध को लेकर अटेवा (ऑल टीचर्स एंड एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन) गाजियाबाद की जिला कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को श्री सनातन धर्म इंटर कॉलेज में आयोजित की गई। बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, सदस्यता अभियान को गति देने तथा पुरानी पेंशन बहाली के आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता मेरठ मंडल के उपाध्यक्ष एस.पी. सिंह ने की, जबकि संचालन जिला महामंत्री रामशेष वर्मा ने किया। बैठक में प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार 10 जुलाई से 15 अगस्त तक जनपद के विभिन्न विकास खंडों एवं सरकारी कार्यालयों में सदस्यता अभियान और जनजागरण गोष्ठियां आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मचारियों एवं शिक्षकों को पुरानी पेंशन व्यवस्था की आवश्यकता, निजीकरण के प्रभाव तथा संगठन की भावी रणनीति से अवगत कराया जाएगा। इसके लिए लोनी में 20 जुलाई, मुरादनगर में 27 जुलाई, रजापुर एवं महानगर क्षेत्र में 3 अगस्त तथा भोजपुर में 17 अगस्त को गोष्ठियां आयोजित करने की रूपरेखा तय की गई।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 21 अगस्त को संभावित रूप से डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क, नवयुग मार्केट से जिला मुख्यालय तक पुरानी पेंशन बहाली एवं निजीकरण के विरोध में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा के माध्यम से कर्मचारियों, शिक्षकों और आमजन को आंदोलन से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा तथा सरकार तक कर्मचारियों की मांगों को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा 25 सितंबर को लखनऊ में प्रस्तावित पुरानी पेंशन बहाली एवं निजीकरण विरोधी विशाल रैली को सफल बनाने के लिए भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक कर्मचारियों और शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया। बैठक में यह भी तय किया गया कि सदस्यता अभियान और जनजागरण कार्यक्रमों के दौरान जिला कार्यकारिणी अपने-अपने क्षेत्रों के सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों तथा मंत्रियों से मुलाकात करेगी। इस दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए नकदरहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर उनका आभार व्यक्त किया जाएगा तथा साथ ही पुरानी पेंशन व्यवस्था को पुन: लागू करने की मांग भी प्रमुखता से रखी जाएगी।
जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार चौहान ने बैठक के दौरान संगठन की वार्षिक आय-व्यय का विस्तृत लेखा-जोखा कार्यकारिणी के समक्ष प्रस्तुत किया। वहीं जिला अध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि बैठक में पारित सभी प्रस्तावों को अपनी-अपनी विकास खंड एवं जिला इकाइयों के सहयोग से सफल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि संगठन की एकजुटता और सक्रिय भागीदारी से ही पुरानी पेंशन बहाली के आंदोलन को मजबूती मिलेगी। बैठक में जिला संरक्षक गोविंद कुमार सिंह, जिला महामंत्री रामशेष वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार चौहान, जिला उपाध्यक्ष अमित कुमार त्यागी, महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष आरती वर्मा, महिला प्रकोष्ठ की जिला महामंत्री मीनू शर्मा, लोनी विकास खंड अध्यक्ष पारस गोस्वामी, महानगर विकास खंड अध्यक्ष डॉ. अमिताभ पांडे,
मुरादनगर विकास खंड अध्यक्ष संजय कुमार चौधरी, जिला संगठन मंत्री दीपक कुमार, भोजपुर विकास खंड अध्यक्ष राजपाल यादव, महानगर प्रवक्ता विद्याभूषण सिंह, यतेंद्र सिंह वर्मा, प्रेमचंद, प्रमोद पांचाल, प्रवक्ता राकेश कुमार, निपेंद्र वर्मा, मिथिलेश चौहान सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, निजीकरण के विरोध और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा और एकजुटता के साथ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। संगठन ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में जनजागरण अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी और शिक्षक इस आंदोलन से जुड़कर अपनी आवाज बुलंद कर सकें।















