हरियाली से संवरेगा गाजियाबाद का भविष्य, जीडीए ने छेड़ा पौधों से पर्यावरण बचाने का महाअभियान

-पर्यावरण संरक्षण को लगाए अधिक से अधिक पौधे, करें संरक्षण: नंद किशोर कलाल
-मधुबन-बापूधाम के अमृत वन वाटिका में नंद किशोर कलाल ने किया हरिशंकरी का रोपण, लोगों से संरक्षण की अपील
-जीडीए का बड़ा लक्ष्य, इस वित्तीय वर्ष में लगाए जाएंगे 1.50 लाख पौधे; पार्कों और ग्रीन बेल्ट में बढ़ेगी हरियाली
-पीपल, बरगद, पिलखन समेत छायादार प्रजातियों से सजेगा शहर, पौधों की देखभाल और सिंचाई की भी पुख्ता व्यवस्था

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पर्यावरण संरक्षण और शहर में हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रविवार को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। अभियान के तहत मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना के पॉकेट-बी स्थित अमृत वन वाटिका पार्क में जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने हरिशंकरी (पीपल, बरगद और पिलखन) का पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने शहरवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करने की अपील की। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के आधार भी हैं। बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरणीय हालात के बीच पौधारोपण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बन गई है। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना तभी सार्थक होगा, जब उसकी नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में जीडीए अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय निवासियों और विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, मुख्य अभियंता आलोक रंजन, ओएसडी कनिका कौशिक, उद्यान प्रभारी अधिशासी अभियंता लवकेश कुमार, अजीत कुमार बघाडिय़ा, राजकुमार वर्मा, उद्यान निरीक्षक संजीव कुमार, सुधीर चौधरी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रदेश शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जीडीए को 1.50 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं, पार्कों, हरित पट्टियों और अन्य चिन्हित स्थलों पर चरणबद्ध तरीके से पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान पीपल, बरगद, पिलखन, जामुन, गुलमोहर, कदंब, नींबू, कनेर, मौलश्री, टिकोमा, चांदनी, बोतल ब्रश और चक्रेशिया सहित विभिन्न उपयोगी एवं छायादार प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं।

जीडीए द्वारा पौधों के संरक्षण, नियमित सिंचाई और रखरखाव की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और स्वच्छ एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जीडीए पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत शहरी विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 1.50 लाख पौधारोपण के लक्ष्य को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पौधों के संरक्षण से ही शहर को स्वच्छ, हरा-भरा और बेहतर पर्यावरण वाला बनाया जा सकता है।