-नगर निगम ने शासन का लक्ष्य किया शत-प्रतिशत पूरा, 100 वार्डों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विद्यार्थियों ने एक साथ किया पौधारोपण
-विजयनगर आर्मी लैंड बनेगी शहर की ‘ऑक्सीजन राजधानी’, नवंबर तक 48 एकड़ में छह लाख से अधिक पौधे लगाने की तैयारी
-महापौर सुनीता दयाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक और वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया संदेश— पौधे लगाना ही नहीं, उनका संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल करते हुए रविवार को एक ही दिन में 1 लाख 41 हजार पौधों का रोपण कर शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा कर लिया। शहर के सभी 100 वार्डों में एक साथ चले इस महाअभियान में जनप्रतिनिधियों, नगर निगम एवं गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारियों, स्कूली विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विजयनगर स्थित आर्मी लैंड पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम हरियाली के महाउत्सव में बदल गया, जहां हजारों पौधों के साथ पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया। विजयनगर स्थित रक्षा भूमि (आर्मी लैंड) में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में महापौर सुनीता दयाल, उत्तर प्रदेश शासन के राज्य कर विभाग के विशेष सचिव राहुल पाण्डेय, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल, मुख्य विकास अधिकारी सौरभ कुमार, अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, पार्षदगण तथा नगर निगम एवं जीडीए के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पौधारोपण किया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का संचालन वरिष्ठ प्रभारी उद्यान नरेंद्र कुमार चौधरी तथा उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने किया।
महापौर सुनीता दयाल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, विद्यार्थियों और नागरिकों का स्वागत करते हुए कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाले वर्षों में शहरवासियों को स्वच्छ हवा, हरियाली और बेहतर पर्यावरण प्रदान करेगा। उन्होंने नागरिकों से पौधारोपण को केवल एक दिन का अभियान न मानकर जनआंदोलन बनाने की अपील की। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम ने शहर के सभी पांचों जोनों और 100 वार्डों में एक साथ अभियान चलाकर 1 लाख 41 हजार पौधों का रोपण किया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, स्थानीय निवासियों, स्वयंसेवी संगठनों और विद्यार्थियों का उल्लेखनीय सहयोग मिला। नगर आयुक्त ने बताया कि विजयनगर स्थित आर्मी लैंड की शेष 48 एकड़ भूमि पर नवंबर माह तक 6 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। यह क्षेत्र भविष्य में विशाल हरित वन के रूप में विकसित होकर शहर के लिए प्राकृतिक ऑक्सीजन बैंक का कार्य करेगा। विशेष सचिव, राज्य कर विभाग राहुल पाण्डेय ने नगर निगम के इस व्यापक अभियान की सराहना करते हुए कहा कि जिस प्रकार हम अपने परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, उसी प्रकार पर्यावरण के प्रति भी हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने नगर निगम की पूरी टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के अभियान भविष्य की पीढिय़ों के लिए अमूल्य धरोहर साबित होंगे। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने भी पर्यावरण संरक्षण की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नगर निगम और विकास प्राधिकरण संयुक्त रूप से शहर को हरित और स्वच्छ बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर पौधारोपण से शहर की आबोहवा बेहतर होगी और पर्यावरणीय संतुलन मजबूत होगा। मुख्य विकास अधिकारी सौरभ कुमार ने नगर निगम की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर समान रूप से ध्यान देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शहर का सतत विकास तभी संभव है, जब हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण प्राथमिकता बने।
अभियान के अंतर्गत सभी पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में भी पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए। वार्ड संख्या-78 शालीमार गार्डन में विशेष सफाई अभियान के साथ नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। पूरे शहर में पौधारोपण को लेकर जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने आर्मी लैंड पर कार्यरत मालियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि उनके परिश्रम से तैयार हो रहा यह विशाल हरित क्षेत्र आने वाले वर्षों में लाखों शहरवासियों के लिए जीवनदायिनी हरियाली का स्रोत बनेगा।
नगर आयुक्त ने मालियों के साथ सेल्फी प्वाइंट पर तस्वीर भी खिंचवाई और पूरी टीम को इस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा बनने तथा पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए शुभकामनाएं दीं। गाजियाबाद नगर निगम का यह महाअभियान केवल लक्ष्य पूर्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि यदि प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक एक साथ संकल्प लें तो कंक्रीट के शहरों को भी हरियाली की नई पहचान दी जा सकती है।
















