- सुबह से देर रात तक सड़कों पर सक्रिय जिला आबकारी अधिकारी, 15 आबकारी निरीक्षकों की टीम के साथ लगातार औचक निरीक्षण
- टेस्ट परचेजिंग से लेकर ग्राहक बनकर जांच तक, ओवररेटिंग और अवैध शराब पर जीरो टॉलरेंस की नीति
- सीमाओं, हाईवे और टोल प्लाजा पर 24 घंटे निगरानी, बाहरी राज्यों से होने वाली शराब तस्करी पर कसी लगाम
उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आबकारी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और अनुशासित बनाए रखने के लिए जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह अपनी सख्त कार्यशैली और सक्रिय निगरानी के कारण लगातार चर्चा में हैं। न कोई त्योहार, न चुनावी माहौल और न ही शादी-ब्याह का सीजन, फिर भी आबकारी विभाग की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ सुबह से लेकर देर रात तक सड़कों पर उतरकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। उद्देश्य सिर्फ एक है-प्रदेश की राजधानी में अवैध शराब, ओवररेटिंग और शराब तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाना तथा उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण शराब उपलब्ध कराना। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह स्वयं कार्यालयी कार्यों तक सीमित रहने के बजाय लगातार फील्ड में पहुंचकर लाइसेंसी शराब की दुकानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में आबकारी निरीक्षकों की टीम प्रत्येक दुकान पर स्टॉक रजिस्टर, पॉश मशीन से बोतलों की स्कैनिंग, ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था, साफ-सफाई और निर्धारित मूल्य पर बिक्री जैसी व्यवस्थाओं की गहन जांच कर रही है। किसी भी स्तर पर अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
करुणेन्द्र सिंह की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खुद पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग करते हैं। कई बार विभाग की ओर से गुप्त रूप से टेस्ट परचेजिंग कराई जाती है, तो कई अवसरों पर अधिकारी और निरीक्षक सामान्य ग्राहक बनकर दुकानों पर पहुंचते हैं और पूरी व्यवस्था का जायजा लेते हैं। यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता है या ग्राहकों के साथ अभद्र व्यवहार करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने सभी अनुज्ञापियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दुकानों पर स्वयं उपस्थित रहें, प्रत्येक शराब की बोतल की बिक्री पॉश मशीन से स्कैन कर ही करें तथा अधिक से अधिक डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दें। उनका मानना है कि पांच या दस रुपये की भी अवैध वसूली न केवल उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है, बल्कि इससे पूरे जिले की छवि प्रभावित होती है। इसी सोच के साथ आबकारी विभाग लगातार पारदर्शिता सुनिश्चित करने में जुटा है। अवैध शराब और अंतरराज्यीय तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए भी जिला आबकारी अधिकारी ने विशेष रणनीति तैयार की है।
हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान, दिल्ली तथा अन्य पड़ोसी राज्यों से होने वाली शराब तस्करी रोकने के लिए जिले की सीमाओं, प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों, टोल प्लाजा और संवेदनशील मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। चेकिंग अभियान दिन और रात दोनों समय जारी है, जिससे तस्करों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाया जा सके। मंगलवार को आबकारी निरीक्षक विवेक सिंह, राहुल सिंह, रिचा सिंह, रेखा श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह, अरविंद बघेल, कौशलेन्द्र रावत, प्रदीप शुक्ला, अखिलेश चौधरी, नेहा सिंह, मोनिका यादव, रामश्याम त्रिपाठी, शिखर मल्ल, विजय राठी और संजय पाण्डेय ने अपने-अपने क्षेत्रों की शराब दुकानों का व्यापक निरीक्षण किया। टीम ने न केवल दुकानों की व्यवस्थाओं की जांच की, बल्कि वहां मौजूद ग्राहकों से भी सीधे संवाद कर विक्रेताओं के व्यवहार, निर्धारित मूल्य पर बिक्री और सेवा गुणवत्ता की जानकारी ली। ग्राहकों को यह भी बताया गया कि यदि कोई दुकानदार अधिक कीमत वसूलता है या नियमों का उल्लंघन करता है तो वे दुकानों के बाहर प्रदर्शित आबकारी अधिकारियों के मोबाइल नंबरों पर तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह नियमित रूप से सभी आबकारी निरीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक कर क्षेत्रवार स्थिति का आकलन करते हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हैं। उनकी स्पष्ट नीति है कि अवैध शराब, तस्करी और ओवररेटिंग के खिलाफ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी सख्त कार्यशैली और 15 सदस्यीय आबकारी निरीक्षक दल की निरंतर सक्रियता के कारण राजधानी लखनऊ में आबकारी व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी होती दिखाई दे रही है। विभाग का यह अभियान न केवल शराब कारोबार में अनुशासन स्थापित कर रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा भी लगातार मजबूत कर रहा है।

जिला आबकारी अधिकारी
लखनऊ।
राजधानी लखनऊ में अवैध शराब, ओवररेटिंग और शराब तस्करी के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई पूरी सख्ती के साथ लगातार जारी रहेगी। किसी भी लाइसेंसी दुकान पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली, बिना स्कैनिंग के बिक्री, नियमों की अनदेखी अथवा उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि निरीक्षण के दौरान कोई भी अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अनुज्ञापी और जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। सभी आबकारी निरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित औचक निरीक्षण करें और प्रत्येक शिकायत का तत्काल सत्यापन कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करें। राजधानी की सीमाओं, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है, ताकि बाहरी राज्यों से होने वाली अवैध शराब की तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। हमारा लक्ष्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था स्थापित करना है जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वालों में कानून का भय और आम उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति विश्वास दोनों बने रहें। किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
-करुणेन्द्र सिंह
जिला आबकारी अधिकारी
















