-लापरवाह एजेंसियों पर होगी कार्रवाई, शहर की हरियाली से नहीं होगा समझौता: एनजी रवि कुमार
-यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो से पहले प्राधिकरण ने तेज की तैयारियां, नई एजेंसी करेगी हरित क्षेत्रों का कायाकल्प
-सेंट्रल वर्ज, हरित पट्टियों और दो प्रमुख पार्कों का होगा सौंदर्यीकरण, प्राधिकरण खुद करेगा निगरानी
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर परी चौक से जीरो पॉइंट तक हरित क्षेत्र के रखरखाव की जिम्मेदारी अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण खुद संभालेगा। इस मार्ग पर हरित पट्टियों, सेंट्रल वर्ज और दो प्रमुख पार्कों के रखरखाव एवं सौंदर्यीकरण के लिए करीब 1.64 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए एक वर्ष के अनुबंध पर नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, सितंबर में इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को देखते हुए एक्सप्रेसवे और परी चौक के आसपास के क्षेत्र को आकर्षक बनाने की योजना तैयार की गई है। यह मार्ग शहर का प्रमुख प्रवेश द्वार होने के कारण यहां से प्रतिदिन हजारों लोगों और निवेशकों का आवागमन रहता है। अब तक इस हिस्से का रखरखाव एक निजी संस्था के जिम्मे था, लेकिन निर्धारित स्तर पर हरियाली और उद्यानों का संरक्षण नहीं होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसके चलते कई स्थानों पर हरित क्षेत्र की स्थिति खराब हो गई।
संस्था का अनुबंध समाप्त होने के बाद प्राधिकरण ने रखरखाव की जिम्मेदारी सीधे अपने नियंत्रण में लेने का फैसला किया है। नई एजेंसी सेंट्रल वर्ज की देखभाल, सड़क किनारे पौधरोपण, हरित पट्टियों का रखरखाव और परी चौक के निकट स्थित दो पार्कों के संरक्षण का कार्य करेगी। अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी का चयन अगले एक महीने में कर लिया जाएगा, जिसके बाद विकास कार्य शुरू हो जाएंगे।
प्राधिकरण ने शहर में गोद दिए गए गोलचक्करों, हरित क्षेत्रों और सेंट्रल वर्ज की भी समीक्षा शुरू कर दी है। वर्तमान में 40 से अधिक गोलचक्कर, 45 हरित क्षेत्र और 17 सेंट्रल वर्ज विभिन्न संस्थाओं और कंपनियों को रखरखाव के लिए सौंपे गए हैं। इनमें से जिन संस्थाओं द्वारा तय मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा है, उन्हें चिह्नित किया जा रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने कहा कि शहर की हरियाली और स्वच्छता को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उद्यान विभाग को एक्सप्रेसवे के हरित क्षेत्रों का नए सिरे से विकास कराने और लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।















