-वृक्ष ही सुरक्षित भविष्य और स्वच्छ जीवन की सबसे बड़ी पूंजी: डॉ. सुभाष जैन बोले
-विद्यार्थियों ने घर-घर हरियाली पहुंचाने का लिया संकल्प, जनआंदोलन बनेगा वृक्षारोपण अभियान
-जिलाधिकारी के अभियान को विद्यालय परिवार ने दिया नया आयाम, संरक्षण पर भी रहेगा पूरा जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ के निर्देशानुसार संचालित वृहद वृक्षारोपण अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल परिसर में शनिवार को पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन डॉ. सुभाष जैन ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षिकाओं तथा समस्त स्टाफ को कुल 7,500 पौधों का वितरण कर अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे वितरित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को पर्यावरण संरक्षण का सक्रिय भागीदार बनाना और समाज में हरियाली के प्रति व्यापक जनजागरूकता पैदा करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों ने पौधे प्राप्त कर उन्हें अपने घर, मोहल्ले, पार्क अथवा अन्य उपयुक्त स्थानों पर लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार के सदस्यों को भी इस अभियान से जोड़ें, ताकि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न रहकर जनआंदोलन का रूप ले सके।
विद्यालय के चेयरमैन डॉ. सुभाष जैन ने अपने संबोधन में कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। इन परिस्थितियों में वृक्षारोपण केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि एक विकसित और स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है, जब पर्यावरण सुरक्षित रहेगा। वृक्ष हमें प्राणवायु, स्वच्छ वातावरण, छाया, वर्षा और प्राकृतिक संतुलन प्रदान करते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह नैतिक कर्तव्य है कि वह कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विद्यालय में प्राप्त पौधों को केवल घर ले जाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका नियमित संरक्षण और देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। यदि प्रत्येक विद्यार्थी एक पौधे को वृक्ष बनाने का संकल्प ले ले, तो आने वाले वर्षों में गाजियाबाद हरियाली की नई पहचान बन सकता है।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों के साथ मिलकर पौधारोपण करें और उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ पौधे प्राप्त किए और पर्यावरण संरक्षण के नारों के बीच हरित भविष्य का संकल्प दोहराया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रजातियों के पौधों के महत्व, उनके संरक्षण की विधि तथा पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने यह संदेश भी दिया कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए और उन्हें वृक्ष बनने तक नियमित रूप से पानी, खाद और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। विद्यालय प्रशासन ने बताया कि यह अभियान जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा किए जाने वाले पौधारोपण तथा संबंधित गतिविधियों के छायाचित्र और विवरण जिला प्रशासन को भेजे जाएंगे, ताकि इस जनभागीदारी अभियान की प्रगति का मूल्यांकन किया जा सके और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जा सके।
उन्होंने बताया कि भविष्य में भी विद्यालय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम, वृक्षारोपण अभियान तथा प्रकृति संरक्षण संबंधी गतिविधियां निरंतर आयोजित की जाती रहेंगी। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे केवल अपने विद्यालय या घर तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आसपास के लोगों को भी पौधे लगाने और उनकी देखभाल के लिए प्रेरित करेंगे। विद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि नई पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान निश्चित रूप से व्यापक जनआंदोलन का रूप लेगा और आने वाले समय में गाजियाबाद को अधिक हराभरा, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विद्यालय प्रशासन ने इसे विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण चेतना और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में एक प्रेरणादायी एवं सार्थक पहल बताया।
















