-ब्लू कब्स लीग-2026 से युवा फुटबॉल प्रतिभाओं को मिली नई उड़ान, तीन माह तक चलेगा फुटबॉल महाकुंभ
-हाई-टेक वर्ल्ड स्कूल में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी स्टार एमसी मैरी कॉम ने किया ऐतिहासिक लीग का भव्य शुभारंभ,
-16 से अधिक टीमें, चार आयु वर्ग और लड़के-लड़कियां एक ही टीम में खेलेंगे, जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद में जमीनी स्तर पर फुटबॉल प्रतिभाओं को नई पहचान देने की दिशा में शनिवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। वेव सिटी स्थित हाई-टेक वर्ल्ड स्कूल में शनिवार को आयोजित तृतीय गाजियाबाद ब्लू कब्स लीग-2026 का शुभारंभ विश्व विख्यात मुक्केबाज, छह बार की विश्व चैंपियन एवं पद्म विभूषण से सम्मानित खेल रत्न एमसी मैरी कॉम ने किया। उनके प्रेरणादायी संबोधन और खिलाडिय़ों के उत्साह ने पूरे आयोजन को खेल महोत्सव का स्वरूप दे दिया। गाजियाबाद फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित यह लीग अगले तीन महीनों तक चलेगी, जिसमें जिले की 16 से अधिक टीमें विभिन्न आयु वर्गों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। उद्घाटन समारोह में खिलाडिय़ों, अभिभावकों, खेल प्रेमियों और गणमान्य अतिथियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि एमसी मैरी कॉम का विद्यालय प्रबंधन और गाजियाबाद फुटबॉल एसोसिएशन ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर हितेश चौधरी ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन एवं मैरी कॉम हितेश चौधरी स्पोर्टी फिट प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हितेश चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दुष्यंत सिन्हा, अनिरुद्ध कौशिक तथा एस.एम. राजा सहित अनेक खेल एवं सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम का शुभारंभ हाई-टेक वर्ल्ड स्कूल के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. विहंग गर्ग के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। गाजियाबाद फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रणव कुमार ने लीग की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि संस्था का उद्देश्य जिले में फुटबॉल की मजबूत नींव तैयार करना है। उन्होंने घोषणा की कि खिलाडिय़ों की बढ़ती रुचि और उत्साह को देखते हुए इस लीग का शीतकालीन संस्करण भी आयोजित किया जाएगा, जिससे खिलाडिय़ों को वर्षभर प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध हो सके। मुख्य अतिथि एमसी मैरी कॉम ने अपने प्रेरक संबोधन में युवा खिलाडिय़ों को जीवन में संघर्ष, अनुशासन और समर्पण का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की असली पहचान कठिन परिस्थितियों में उसके धैर्य और मेहनत से बनती है। चुनौतियां ही खिलाडिय़ों को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाती हैं।
उन्होंने बच्चों से खेल को केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम मानने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि हितेश चौधरी ने कहा कि फुटबॉल ऐसा खेल है जो बच्चों में शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास करता है। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन और सकारात्मक सोच की दिशा में आगे बढ़ाते हैं तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में गाजियाबाद फुटबॉल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष अमित रावत ने प्रतियोगिता के नियमों और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्लू कब्स लीग युवा खिलाडिय़ों के लिए ऐसा मंच साबित होगी, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारने के साथ भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मार्ग तैयार कर सकेंगे। समारोह के दौरान जिले में जमीनी स्तर पर फुटबॉल को बढ़ावा देने वाले विभिन्न फुटबॉल अकादमी प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
खिलाडिय़ों और प्रशिक्षकों ने इस सम्मान को जिले में फुटबॉल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। इस लीग की सबसे बड़ी विशेषता इसका लिंग समानता आधारित स्वरूप है। प्रतियोगिता में लड़के और लड़कियां एक ही टीम में साथ खेलेंगे, जिससे समान अवसर, सहयोग और खेल भावना को नई मजबूती मिलेगी। प्रतियोगिता अंडर-6, अंडर-8, अंडर-10 और अंडर-12 आयु वर्गों में आयोजित की जा रही है तथा अगले तीन महीनों तक रोमांचक मुकाबले जारी रहेंगे। कार्यक्रम के अंत में गाजियाबाद फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव हेमंत पंवार ने सभी अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन, प्रायोजकों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर भावना, दीपशिखा, प्रियंगी, शारदा, अनु, नितिन मिश्रा, पीतांबर, सत्येन्द्र, अभिजीत और अभिषेक सहित कई कोच एवं फुटबाल प्रेमी मौजूद रहे।















