फोन पर शराब, घर तक डिलीवरी… लेकिन आबकारी विभाग की पैनी नजर से नहीं बच सका तस्कर, नोएडा में हाईटेक गिरोह का भंडाफोड़

  • जिला आबकारी अधिकारी की रणनीति लाई रंग, रातभर की सटीक प्लानिंग में होम डिलीवरी गैंग धराया
  • आबकारी निरीक्षकों और सेक्टर-113 पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, किराए के फ्लैट से लाखों की विदेशी शराब, स्कूटी और मोबाइल बरामद
  • हरियाणा से मंगाकर फोन पर सप्लाई का खुलासा, फरार मास्टरमाइंड की तलाश तेज; जिले में शराब तस्करों पर लगातार कस रहा शिकंजा

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। आबकारी विभाग ने सेक्टर-113 थाना पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए हरियाणा से लाई जा रही विदेशी शराब की होम डिलीवरी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान एक तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके कब्जे और निशानदेही पर भारी मात्रा में महंगी विदेशी शराब, स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी फोन पर ऑर्डर लेकर ग्राहकों के घर तक शराब पहुंचाता था। आबकारी विभाग अब इस नेटवर्क से जुड़े फरार संचालक और अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गया है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह समाप्त करने के लिए लगातार खुफिया तंत्र को सक्रिय रखा गया है। रविवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति हरियाणा से सस्ती विदेशी शराब लाकर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में फोन पर ऑर्डर लेकर होम डिलीवरी करता है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल आबकारी निरीक्षक अभिनव शाही और आबकारी निरीक्षक संजय चन्द्र के नेतृत्व में संयुक्त टीम का गठन किया तथा सेक्टर-113 थाना पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर सुनियोजित कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम ने पूरी गोपनीयता के साथ जाल बिछाया और सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद क्षेत्र में आरोपी की गतिविधियों पर निगरानी शुरू की। जैसे ही आरोपी फोन पर मिले ऑर्डर की डिलीवरी करने पहुंचा, आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हाथरस निवासी अनिल के रूप में हुई। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर टीम ने उसके किराए के फ्लैट पर छापा मारा, जहां से विदेशी शराब का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। छापेमारी के दौरान जेम्सन, ब्लैक एंड व्हाइट, एब्सलूट वोडका, बॉम्बे सैफायर, जॉनी वॉकर डबल ब्लैक, रोकू जिन और बेलीज जैसे प्रीमियम ब्रांडों की कुल 27 बोतल विदेशी मदिरा बरामद की गई। इसके अलावा शराब की डिलीवरी में प्रयुक्त स्कूटी तथा दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।

जांच में पाया गया कि बरामद शराब की बोतलों पर उत्तर प्रदेश सरकार का अनिवार्य क्यूआर कोड मौजूद नहीं था, जिससे स्पष्ट हुआ कि शराब प्रदेश के बाहर से लाई गई थी। प्रारंभिक जांच में हरियाणा से शराब की तस्करी कर नोएडा में अवैध रूप से बेचने की पुष्टि के संकेत मिले हैं। आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग केवल कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक, मुखबिर तंत्र और पुलिस के साथ बेहतर समन्वय के जरिए ऐसे संगठित गिरोहों की जड़ तक पहुंचने का काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध शराब का कारोबार करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने अपनी टीम की सराहना करते हुए कहा कि आबकारी निरीक्षक अभिनव शाही और संजय चन्द्र ने पूरी सूझबूझ, सतर्कता और पेशेवर अंदाज में कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिस और आबकारी विभाग के बीच बेहतर तालमेल का ही परिणाम रहा कि आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया जा सका और अवैध शराब का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। उन्होंने कहा कि विभाग की टीम दिन-रात लगातार सक्रिय रहकर सीमावर्ती क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बनाए हुए है, ताकि पड़ोसी राज्यों से होने वाली शराब तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना सेक्टर-113 में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बरामद विदेशी शराब की अनुमानित कीमत 60 से 70 हजार रुपये बताई जा रही है। वहीं इस पूरे नेटवर्क के फरार संचालक और अन्य सहयोगियों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है। आबकारी विभाग मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे गिरोह की गतिविधियों की जांच कर रहा है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितनी मात्रा में अवैध शराब की सप्लाई की जा चुकी है और इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर जैसे औद्योगिक और सीमावर्ती जिले में अवैध शराब की तस्करी रोकना विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि कहीं अवैध शराब की बिक्री, भंडारण या होम डिलीवरी की जानकारी मिले तो तुरंत आबकारी विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विभाग की सतर्क टीम आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ अभियान को और तेज करेगी, ताकि जिले में कानून व्यवस्था के साथ-साथ राजस्व हितों की भी प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।