– जलभराव पर जीरो टॉलरेंस, नालों की सफाई में बाधा बने स्थायी कब्जों पर चलेगा बुलडोजर
– स्वास्थ्य, निर्माण और जलकल विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
– हर शिकायत का होगा मौके पर समाधान, जनसुनवाई में अधिकारियों की तय हुई जवाबदेही
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने जनसुनवाई के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर के सभी प्रमुख नालों पर हुए स्थायी अतिक्रमण को हटाकर व्यापक स्तर पर सफाई कराई जाए, ताकि बरसात के दौरान जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे और नागरिकों को जलभराव जैसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करें। नगर निगम मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान विभिन्न वार्डों से आए जनप्रतिनिधियों एवं आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को नगर आयुक्त के समक्ष रखा। वार्ड संख्या 37 शालीमार गार्डन के पार्षद रवि भाटी, वार्ड संख्या 32 नंदग्राम के पार्षद सुभाष चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने नालों की सफाई, सीवर लाइन की बदहाल स्थिति तथा जलभराव की समस्या को प्रमुखता से उठाया। इसके अलावा वार्ड संख्या 6 एवं वार्ड संख्या 11 के जनप्रतिनिधियों ने भी बरसात के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं को लेकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
जनसुनवाई के दौरान गोविंदपुरम और वसुंधरा क्षेत्र के आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने नगर आयुक्त को बताया कि कई स्थानों पर नालों पर स्थायी अतिक्रमण होने के कारण सफाई कार्य प्रभावित होता है और बारिश के समय पानी की निकासी रुक जाती है। इस पर नगर आयुक्त ने तत्काल अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि ऐसे सभी अतिक्रमणों की पहचान कर उन्हें हटाया जाए और नालों की गहन सफाई सुनिश्चित की जाए। नगर आयुक्त ने मौके पर उपस्थित अपर नगर आयुक्त अवनींद्र, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार तथा निर्माण विभाग की टीम को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाला सफाई का कार्य केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी गहराई और गुणवत्ता के साथ किया जाए ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो। मुख्य अभियंता (निर्माण) नरेंद्र कुमार चौधरी को निर्देशित किया गया कि नालों की सफाई में बाधा बने स्थायी अतिक्रमणों को हटाने के लिए निर्माण विभाग सक्रिय भूमिका निभाए और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अभियान को सफल बनाया जाए।
नगर आयुक्त ने कहा कि शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नगर निगम के सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का केवल कागजी निस्तारण न किया जाए, बल्कि प्रत्येक शिकायत का मौके पर जाकर निरीक्षण कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में गोविंदपुरम, नंदग्राम, शालीमार गार्डन और वसुंधरा सहित अन्य क्षेत्रों में अधिकारियों की टीम भेजकर समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कराया गया। नगर आयुक्त के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग, निर्माण विभाग और जलकल विभाग संयुक्त रूप से शहरभर में सीवर एवं नाला सफाई का विशेष महाअभियान चला रहे हैं। इस अभियान के तहत जाम सीवर लाइनों की सफाई, नालों से सिल्ट हटाने तथा जल निकासी मार्गों को अवरोधमुक्त बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस अभियान के पूरा होने के बाद बरसात के दौरान जलभराव की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।
नगर निगम के सभी जोनों में अलग-अलग टीमें गठित कर कार्यवाही शुरू कर दी गई है। वसुंधरा, मोहन नगर, सिटी जोन और कवि नगर क्षेत्र में सीवर सफाई, नालों की सफाई तथा जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जोन के अधिकारी प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और अभियान की नियमित निगरानी की जाए। जनसुनवाई के दौरान संपत्ति विभाग से जुड़े कई प्रकरण भी सामने आए। इन मामलों में नगर आयुक्त ने वरिष्ठ प्रभारी संपत्ति एवं अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों की नियमानुसार जांच कर शीघ्र स्थलीय कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि नगर निगम की संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जलभराव, गंदगी, जाम सीवर और नालों पर अतिक्रमण जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि गाजियाबाद को स्वच्छ, व्यवस्थित और जलभराव मुक्त शहर बनाया जा सके।















