कांवड़ यात्रा पर ट्रैफिक का महा प्लान: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे 7 अगस्त से बंद, भारी वाहनों पर लगा ब्रेक

-श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 12 अगस्त तक लागू रहेगा डायवर्जन, वैकल्पिक मार्गों से गुजरेंगे वाहन
-गाजियाबाद की सीमाओं पर बढ़ी निगरानी, ड्रोन-कैमरों और सीसीटीवी से संवेदनशील स्थानों पर रखी जाएगी नजर
-एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करन नैय्यर की अगुवाई में तैयार ट्रैफिक प्लान, चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगी पुलिस टीम

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। करोड़ों शिवभक्तों की आस्था से जुड़ी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने यातायात व्यवस्था का बड़ा प्लान तैयार कर लिया है। कांवडिय़ों की बढ़ती संख्या और सुरक्षा को देखते हुए जिले में चरणबद्ध तरीके से यातायात डायवर्जन लागू किया जा रहा है। इसके तहत बुधवार सुबह आठ बजे से भारी मालवाहक वाहनों का रूट डायवर्जन शुरू हो जाएगा, जबकि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर 7 अगस्त से सभी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यह व्यवस्था 12 अगस्त तक प्रभावी रहेगी। कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रक, ट्रोला, कैंटर और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे भारी वाहनों को गाजियाबाद शहर और कांवड़ मार्गों पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और यात्रा व्यवस्था में सहयोग करें। कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में अंतरराज्यीय और अंतरजनपदीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में गाजियाबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली पुलिस, नोएडा, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर के अधिकारियों ने भी भाग लिया।

बैठक में कांवड़ मार्गों पर यातायात नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और आपसी समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था एवं यातायात राज करन नैय्यर ने बताया कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले कांवडिय़ों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारी वाहनों के लिए अलग-अलग स्थानों पर रोक और डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। प्रमुख डायवर्जन प्वाइंटों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ साइनेज बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि यातायात व्यवस्था की निगरानी लगातार की जाएगी। कांवडिय़ों की संख्या और सड़क की स्थिति को देखते हुए आवश्यकता पडऩे पर डायवर्जन व्यवस्था में बदलाव भी किया जा सकता है। बैठक में डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी, डीसीपी यातायात त्रिगुण बिसेन, एडीसीपी वरूण सिंह एवं दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर, डीसीपी शाहदरा, डीसीपी नार्थ-ईस्ट एवं डीसीपी टै्रफिक व एडीसीपी ट्रैफिक नोएडा,सीओ ट्रैफिक मेरठ व सीओ हापुड़ व सीओ ट्रैफिक बुलंदशहर उपस्थित हुए।

इन मार्गों से गुजरेंगे भारी वाहन
दिल्ली की ओर से आने वाले भारी वाहनों को तुलसी निकेतन बॉर्डर, सीमापुरी बॉर्डर और आनंद विहार बॉर्डर से गाजियाबाद शहर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हरिद्वार, अमरोहा, मुरादाबाद और लखनऊ की ओर जाने वाले वाहन रोड नंबर-56, गाजीपुर मंडी और एनएच-9 का प्रयोग करते हुए डासना इंटरसेक्शन से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और आगे गंतव्य की ओर जा सकेंगे। हापुड़ और बुलंदशहर की ओर से आने वाले वाहनों को डासना पुल, लालकुआं और आत्माराम स्टील तिराहा से शहर की ओर नहीं आने दिया जाएगा। ये वाहन एनएच-9 के माध्यम से अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।

लोनी बॉर्डर से लोनी कस्बे की ओर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसी तरह संतोष मेडिकल कट सिद्धार्थ विहार से मेरठ तिराहा, गौर ग्रीन कट, खोड़ा, कालापत्थर, सेक्टर-62, छिजारसी और कनावनी पुस्ता से इंदिरापुरम क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। कांवड़ मार्ग गंगनहर पटरी, पाइपलाइन रोड, मेरठ रोड और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर भी भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। हापुड़-भोजपुर से आने वाले वाहनों को मोदीनगर और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की ओर नहीं जाने दिया जाएगा।

24 घंटे पुलिस निगरानी में रहेंगे प्रमुख प्वाइंट
यातायात पुलिस के अनुसार प्रमुख चौराहों और डायवर्जन प्वाइंटों पर यातायात एवं नागरिक पुलिस के जवान 24 घंटे तैनात रहेंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी। सभी प्रमुख स्थानों पर संकेतक बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे वाहन चालकों को सही दिशा की जानकारी मिल सके।

5 अगस्त से हल्के वाहनों पर भी बढ़ेगी सख्ती
कांवड़ यात्रा के दूसरे चरण में 5 अगस्त सुबह आठ बजे से हल्के मालवाहक वाहन, कार, टेंपो और बसों की आवाजाही भी प्रभावित होगी। गंगनहर पटरी और पाइपलाइन मार्ग पर सभी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। प्राचीन दूधेश्वरनाथ मंदिर की ओर जाने वाले कई मार्गों पर दोपहिया वाहनों समेत सभी वाहनों का प्रवेश रोका जाएगा। सीमापुरी और तुलसी निकेतन से बसों का शहर में प्रवेश बंद रहेगा। बुलंदशहर की ओर से आने वाली बसों का संचालन लालकुआं से किया जाएगा।

7 अगस्त से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पूरी तरह बंद
कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर 7 अगस्त सुबह आठ बजे से सभी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। हालांकि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे से वाहनों की आवाजाही जारी रहेगी। दिल्ली से हरिद्वार, अमरोहा, मुरादाबाद और लखनऊ जाने वाले भारी वाहन एनएच-9 से डासना होते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और हापुड़ के सिंभावली से गंगा एक्सप्रेस-वे का उपयोग कर सकेंगे। एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करन नैय्यर और यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पालन करें और पुलिस प्रशासन द्वारा जारी डायवर्जन व्यवस्था का सहयोग करें। गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।