- दूधेश्वर नाथ मंदिर से कांवड़ मार्ग तक सुरक्षा का घेरा, नालों और संपर्क गलियों पर भी विशेष बैरिकेडिंग
- 129 आईटीएमएस कैमरों के साथ 205 अतिरिक्त कैमरों से होगी कांवड़ यात्रा की निगरानी, कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर
- कांवड़ मार्ग गड्ढामुक्त, साईं उपवन और कंट्रोल रूम की मरम्मत पूरी; श्रद्धालुओं के लिए छांव और विश्राम की भी व्यवस्था
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन के पहले सोमवार पर शहर में उमडऩे वाले शिवभक्तों और कांवडिय़ों की सुविधा व सुरक्षा को लेकर गाजियाबाद नगर निगम ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कांवड़ यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए निगम के निर्माण विभाग ने करीब 20 किलोमीटर लंबे निर्धारित कांवड़ मार्ग पर बैरिकेडिंग का काम पूरा कर लिया है। मुख्य मार्ग के साथ उससे जुड़ी गलियों, नालों और संवेदनशील स्थानों पर भी विशेष रूप से बैरिकेडिंग की गई है। वहीं प्राचीन श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के बाहर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अलग से सुरक्षा व्यवस्था की गई है। नगर निगम ने कांवड़ मार्ग की निगरानी के लिए तकनीक का भी सहारा लिया है।
कांवड़ रूट पर पहले से मौजूद इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के 129 कैमरों के अलावा निगम ने 205 अतिरिक्त कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों को मेरठ रोड स्थित कंट्रोल रूम से इंटीग्रेट किया गया है। इसके जरिए कांवड़ यात्रा के दौरान मार्ग की गतिविधियों, भीड़ और यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक कांवड़ मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था को भी बेहतर किया गया है। नगर आयुक्त के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी लगातार तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। निगम का दावा है कि सावन के पहले सोमवार और आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी प्रमुख व्यवस्थाएं तैयार हैं।
20 किलोमीटर कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा का घेरा
नगर निगम के निर्माण विभाग ने कांवड़ मार्ग पर दिन-रात काम करते हुए निर्धारित रूट पर बैरिकेडिंग पूरी कर ली है। मुख्य कांवड़ मार्ग से जुडऩे वाली गलियों के बाहर भी बांस और बल्लियों से बैरिकेडिंग की गई है, ताकि यात्रा के दौरान कांवडिय़ों के मार्ग में अनावश्यक आवागमन न हो और भीड़ का दबाव नियंत्रित रखा जा सके। सुरक्षा की दृष्टि से कांवड़ मार्ग पर आने वाले नालों के बाहर भी विशेष बैरिकेडिंग की गई है। इससे श्रद्धालुओं को नालों और खुले स्थानों के आसपास किसी तरह का खतरा न रहे। सावन के पहले सोमवार पर दूधेश्वर नाथ मंदिर में उमडऩे वाली भीड़ को देखते हुए मंदिर के बाहर भी विशेष बैरिकेडिंग कराई गई है। श्रद्धालुओं को धूप से राहत देने के लिए जस्सीपुरा मोड़ से दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर तक बैरिकेडिंग के ऊपर ग्रीन नेट और शेड की व्यवस्था की गई है। इससे लंबी कतार में लगने वाले श्रद्धालुओं को कुछ राहत मिल सकेगी।
कंट्रोल रूम से 334 कैमरों की नजर, हर गतिविधि होगी रिकॉर्ड
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नगर निगम ने निगरानी तंत्र को भी विस्तार दिया है। नगर निगम सीमा में कांवड़ रूट पर ढ्ढञ्जरूस् के 129 कैमरे पहले से निगरानी कर रहे हैं। इनके अलावा 205 नए कैमरों को कांवड़ मार्ग पर लगाया गया है। सभी कैमरों को मेरठ रोड स्थित कंट्रोल रूम से इंटीग्रेट किया गया है। इस तरह कुल 334 कैमरों के माध्यम से कांवड़ मार्ग की निगरानी की जाएगी। भीड़ बढऩे, यातायात दबाव, किसी स्थान पर अव्यवस्था या किसी अन्य आपात स्थिति की जानकारी कंट्रोल रूम के माध्यम से तत्काल संबंधित टीमों तक पहुंचाई जा सकेगी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार यात्रा के दौरान कंट्रोल रूम से लगातार मॉनीटरिंग की जाएगी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए नगर निगम ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। प्रकाश, जलकल, उद्यान, स्वास्थ्य और निर्माण विभाग की टीमें लगातार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए निगम पूरी तरह मुस्तैद है।
कांवड़ मार्ग हुआ गड्ढामुक्त, साईं उपवन में भी विशेष इंतजाम
नगर निगम ने कांवड़ मार्ग को गड्ढामुक्त करने के साथ जरूरत वाले स्थानों पर पेचवर्क भी कराया है। मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले कांवड़ मार्ग को पूरी तरह व्यवस्थित किया गया है। जहां आवश्यकता थी, वहां सड़क की मरम्मत और पेचवर्क कराया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान निर्माण विभाग की टीम निर्धारित रूट पर लगातार मौजूद रहेगी। वहीं नगर निगम सीमा से बाहर आने वाली उन सड़कों पर भी संबंधित विभागों से समन्वय कर काम कराया जा रहा है, जो कांवड़ यात्रा के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनमें पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग के अंतर्गत आने वाली सड़कें भी शामिल हैं। साईं उपवन में भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मरम्मत कार्य कराया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में कांवडि़ए यहां विश्राम करते हैं। इसे देखते हुए उद्यान क्षेत्र में जरूरी व्यवस्थाओं के साथ झूलों वाले हिस्से में भी विशेष बैरिकेडिंग की गई है, ताकि श्रद्धालुओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

नगर आयुक्त
कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए नगर निगम ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। कांवड़ मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाने के साथ करीब 20 किलोमीटर तक बैरिकेडिंग कराई गई है। मार्ग में आने वाले नालों और संपर्क गलियों पर भी सुरक्षा की दृष्टि से विशेष बैरिकेडिंग की गई है। दूधेश्वर नाथ मंदिर और साईं उपवन में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं। कांवड़ मार्ग को गड्ढामुक्त करने के साथ प्रकाश, सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी दुरुस्त किया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ रोड स्थित कंट्रोल रूम से पूरे रूट की निगरानी की जाएगी। आईटीएमएस के 129 कैमरों के साथ 205 अतिरिक्त कैमरों को भी कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जिससे भीड़, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा सके। नगर निगम की सभी टीमें कांवड़ यात्रा के दौरान सक्रिय रहेंगी और आवश्यकता पडऩे पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
-विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त
















