-जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने पैदल घूमकर परखी आरडीसी की व्यवस्थाएं, जाम और अव्यवस्थित पार्किंग पर जताई नाराजगी
-व्हीकल फ्री जोन को मिलेगा नया स्वरूप, खराब स्ट्रीट लाइटें होंगी दुरुस्त; अवैध स्टॉल हटाकर बनेगा व्यवस्थित वेंडिंग जोन
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र राजनगर डिस्ट्रिक सेंटर (आरडीसी) में लगातार बढ़ती जाम और पार्किंग की समस्या को अब स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद जगी है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने आरडीसी की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने और पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। सोमवार शाम जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने अधिकारियों के साथ आरडीसी का औचक निरीक्षण किया और मौके पर ही व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। उन्होंने जाम और अव्यवस्थित पार्किंग को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्र, ओएसडी, मुख्य अभियंता आलोक रंजन समेत अभियंत्रण जोन की टीम के साथ आरडीसी क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वाहन से ही नहीं, बल्कि कई स्थानों पर पैदल घूमकर यातायात और पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया।
इस दौरान सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों, अनियोजित पार्किंग और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती गतिविधियों के कारण उत्पन्न होने वाली जाम की स्थिति को करीब से देखा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आरडीसी जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र में यातायात व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे व्यापारियों, ग्राहकों और आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने और उपलब्ध पार्किंग स्थानों के सही उपयोग नहीं होने से यातायात प्रभावित हो रहा है। जीडीए उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरडीसी की मौजूदा पार्किंग व्यवस्था का नए सिरे से आकलन किया जाए। उपलब्ध स्थानों का वैज्ञानिक और बेहतर उपयोग करते हुए पार्किंग को पुनर्गठित किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल अस्थायी इंतजाम से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए जो आने वाले वर्षों में बढ़ते वाहनों के दबाव को भी संभाल सके।
आरडीसी में बनाए गए व्हीकल फ्री जोन का भी जीडीए उपाध्यक्ष ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य से व्हीकल फ्री जोन विकसित किया गया है, उसे उसी भावना के अनुरूप प्रभावी बनाया जाना चाहिए। क्षेत्र में अनावश्यक वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के साथ पैदल चलने वाले नागरिकों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि व्हीकल फ्री जोन को अधिक व्यवस्थित और नागरिकों के अनुकूल बनाने के लिए आवश्यक सुधारों को कार्ययोजना में शामिल किया जाए। आरडीसी की प्रकाश व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जीडीए उपाध्यक्ष ने खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रात के समय आरडीसी में बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं, ऐसे में पर्याप्त रोशनी होना नागरिकों की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए बेहद जरूरी है।
खराब स्ट्रीट लाइटों को चिह्नित कर उन्हें भी प्रस्तावित कार्ययोजना में शामिल करने और पूरे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान आरडीसी में सड़क किनारे संचालित स्ट्रीट फूड और अन्य अस्थायी स्टॉल भी जीडीए उपाध्यक्ष के निशाने पर रहे। उन्होंने कहा कि अनियोजित तरीके से संचालित स्टॉलों के कारण सड़कें संकरी होती हैं और इससे यातायात बाधित होने के साथ गंदगी की समस्या भी बढ़ती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक मार्गों पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि रेहड़ी-पटरी वालों की गतिविधियों को पूरी तरह अव्यवस्थित छोडऩे के बजाय उनके लिए नियोजित वेंडिंग जोन विकसित किया जाए। इससे वैध वेंडिंग गतिविधियों को उचित स्थान मिलेगा और मुख्य सड़कों तथा फुटपाथों पर अतिक्रमण की समस्या भी कम होगी।
उन्होंने पूरे आरडीसी क्षेत्र में नियमित सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों से कहा गया कि नागरिक सुविधाओं में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष ने आरडीसी से हिंट चौराहे तक की स्थिति का भी अवलोकन किया। यह चौराहा जीडीए की प्रस्तावित चौराहा सौंदर्यीकरण योजना में शामिल है और इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना का काम प्राथमिकता के आधार पर तत्काल शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि चौराहे का सौंदर्यीकरण केवल देखने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके साथ यातायात प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं में भी सुधार किया जाए। क्षेत्र में यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को इस तरह से किया जाए कि वाहन चालकों और पैदल यात्रियों दोनों को सुविधा मिले।















