-पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड ने रिजर्व पुलिस लाइन्स से किया मिशन शक्ति स्कूटी रैली का शुभारंभ
-महिला पुलिसकर्मियों ने प्रमुख मार्गों से गुजरकर दिया नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संदेश
-नागरिकों ने जगह-जगह किया महिला पुलिसकर्मियों का स्वागत, सशक्त नारी-सशक्त भारत का लिया संकल्प
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद की ओर से शुक्रवार को ‘आजादी का जश्न-नारी शक्ति के संग’ संकल्प के साथ मिशन शक्ति स्कूटी रैली का भव्य आयोजन किया गया। रैली का शुभारंभ पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड ने रिजर्व पुलिस लाइन्स से किया। बड़ी संख्या में महिला पुलिस अधिकारी एवं पुलिसकर्मी स्कूटी पर सवार होकर रैली में शामिल हुईं। तिरंगे और मिशन शक्ति के संदेश के साथ निकली रैली ने शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों से गुजरते हुए लोगों को नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संदेश दिया।
पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड ने कहा कि मिशन शक्ति केवल एक अभियान नहीं, बल्कि महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर चलाया जा रहा संकल्प है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें देश की आजादी के साथ-साथ समाज में प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और सम्मान देने की प्रेरणा देता है। नारी शक्ति के बिना सशक्त और विकसित समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास पैदा करना और समाज में जागरूकता बढ़ाना भी है। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति स्कूटी रैली के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि महिला पुलिसकर्मी हर परिस्थिति में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए तत्पर हैं। महिला सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर महिलाएं बिना संकोच पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब समाज की सोच बदलेगी और महिलाएं स्वयं को सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर महसूस करेंगी, तभी सशक्त समाज का निर्माण होगा। रैली में कमिश्नरेट गाजियाबाद में तैनात महिला पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
स्कूटी पर सवार महिला पुलिसकर्मियों का काफिला जब शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा तो नागरिकों में भी उत्साह देखने को मिला। सड़क किनारे खड़े लोगों ने महिला पुलिसकर्मियों का स्वागत किया और रैली के संदेश की सराहना की। रैली के दौरान ‘सुरक्षित नारी-सुरक्षित समाज’, ‘सशक्त नारी-सशक्त समाज-सशक्त भारत’ जैसे संदेशों के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। पुलिस आयुक्त ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी मिशन शक्ति का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि स्कूलों और महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, महिला पुलिस गश्त तथा विभिन्न जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद से ही सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सकता है। मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से महिलाओं को यह भरोसा दिलाया जा रहा है कि उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह गंभीर और संवेदनशील है। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सक्रिय भूमिका समाज में सकारात्मक संदेश देती है और अन्य महिलाओं को भी आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे के लिए प्रेरित करती है। रैली का उद्देश्य नारी सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ नारी सम्मान और स्वावलंबन की भावना को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम के माध्यम से समाज से महिलाओं के प्रति सोच बदलने, उन्हें समान अवसर देने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया। मिशन शक्ति स्कूटी रैली ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शहर में देशभक्ति के साथ महिला सशक्तीकरण का भी मजबूत संदेश दिया। इस दौरान एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय एवं अपराध केशव कुमार चौधरी, एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह, एसीपी कविनगर सिद्वार्थ गौतम, एसीपी कोतवाली उपासना पाण्डेय, एसीपी वेवसिटी प्रियाश्री पाल सहित अन्य अधिकारी मौजदू रहे।
















