191 किमी सड़कें, 25 स्वीपिंग मशीनें और 20 एंटी स्मॉग गन से बदलेगी गाजियाबाद की हवा

  • 13 की जगह 25 मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनें होंगी तैनात, 12 नई मशीनें खरीदने की तैयारी
  • 15 से बढ़कर 20 होंगी एंटी स्मॉग गन, प्रदूषण प्रभावित इलाकों में बढ़ेगा इस्तेमाल
  • पांचों जोन में बनेंगे सीएंडडी वेस्ट कलेक्शन प्वाइंट, खुले में मलबा डालने पर लगेगी रोक
  • 163 किमी सड़क निर्माण के लक्ष्य में 37 किमी काम पूरा, 126 किमी सड़क इस वर्ष बनाने का लक्ष्य
  • इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन के काम में आएगी तेजी, ट्रैफिक कंजेशन वाले स्थानों पर भी होगा सुधार

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करने और गाजियाबाद को स्वच्छ एवं धूलमुक्त बनाने के लिए नगर निगम ने व्यापक एयर क्वालिटी एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत आने वाले समय में सड़कों के निर्माण और सुधार से लेकर मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग, एंटी स्मॉग गन, सीएंडडी वेस्ट प्रबंधन, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, ट्रैफिक कंजेशन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तक कई स्तरों पर काम किया जाएगा। नगर निगम ने वायु गुणवत्ता सुधार के लिए करीब 191 किलोमीटर सड़कों के निर्माण को अपनी कार्ययोजना में शामिल किया है। इसके साथ ही शहर में मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों की संख्या 13 से बढ़ाकर 25 की जाएगी। इसके लिए 12 नई मशीनें खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। सोमवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों के साथ एयर क्वालिटी सुधार के लिए तैयार वार्षिक कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नगर आयुक्त को अब तक किए गए कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर की हवा को बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को निर्धारित कार्यों में तेजी लानी होगी। नगर आयुक्त ने कहा कि गाजियाबाद के नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम लगातार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा है। वायु गुणवत्ता सुधार केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए निर्माण, स्वास्थ्य, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और यातायात व्यवस्था से जुड़े कार्यों को एक साथ आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन कार्यों की योजना तैयार हो चुकी है, उन्हें धरातल पर तेजी से उतारा जाए और नियमित रूप से उनकी प्रगति की समीक्षा की जाए। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से कहा कि वायु गुणवत्ता सुधार के प्रयासों को सफल बनाने के लिए शहरवासियों और व्यापारियों का सहयोग भी बेहद जरूरी है।

एयर क्वालिटी सुधार की कार्ययोजना में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत शहर में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन से संबंधित कार्यों में तेजी लाने की तैयारी है। नगर निगम का मानना है कि शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पर्याप्त चार्जिंग सुविधा उपलब्ध होने से स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा शहर के ऐसे स्थानों को भी चिन्हित किया जा रहा है जहां ट्रैफिक कंजेशन की समस्या अधिक है। लंबे समय तक वाहनों के जाम में खड़े रहने से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर इन स्थानों पर आवश्यक सुधार की योजना बनाई जा रही है। नगर निगम की एयर क्वालिटी कार्ययोजना में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को भी प्रमुखता दी गई है। शहर से प्रतिदिन निकलने वाले कचरे का समय से निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट की क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।

191 किलोमीटर सड़कों पर होगा काम
वायु गुणवत्ता सुधार की कार्ययोजना में सड़क निर्माण और सुधार को विशेष महत्व दिया गया है। नगर निगम के निर्माण विभाग की ओर से करीब 191 किलोमीटर सड़कों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि एयर क्वालिटी सुधार के तहत 163 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य पहले निर्धारित किया गया था। इसमें से 37 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 126 किलोमीटर सड़क का निर्माण इस वर्ष पूरा किया जाना है। इसके अतिरिक्त करीब 65 किलोमीटर अन्य प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है।

नगर निगम की आगामी कार्ययोजना में कुल 191 किलोमीटर सड़कों के निर्माण को शामिल किया जा रहा है। सड़कों के निर्माण और सुधार से न केवल आवागमन बेहतर होगा, बल्कि लंबे समय से धूल और जर्जर सड़क की वजह से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। नगर निगम का फोकस उन सड़कों और स्थानों पर भी है जहां वाहनों की आवाजाही अधिक है और धूल उडऩे की समस्या रहती है। सड़क निर्माण के साथ ही सड़कों की नियमित सफाई और धूल नियंत्रण के उपायों को भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

13 से बढ़कर 25 होंगी मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनें
शहर की सड़कों को धूलमुक्त रखने के लिए नगर निगम स्वास्थ्य विभाग मैकेनाइज्ड और मैन्युअल दोनों स्तरों पर सफाई अभियान चला रहा है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में शहर में 13 मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनें काम कर रही हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर 25 की जाएगी। इसके लिए 12 नई मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदी जा रही हैं। नई मशीनों के शामिल होने के बाद शहर की प्रमुख सड़कों और अधिक व्यस्त मार्गों पर सफाई की क्षमता बढ़ेगी।

इससे सड़क किनारे जमा धूल को हटाने और वाहनों की आवाजाही से धूल के दोबारा हवा में फैलने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। नगर निगम का प्रयास है कि मैकेनाइज्ड सफाई के साथ मैन्युअल सफाई व्यवस्था को भी प्रभावी बनाए रखा जाए। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मशीनों का इस्तेमाल सिर्फ औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि एयर क्वालिटी सुधार के लिहाज से संवेदनशील और अधिक प्रदूषण वाले क्षेत्रों में उनका प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए।

एंटी स्मॉग गन की संख्या भी बढ़ेगी
वायु गुणवत्ता सुधार के लिए नगर निगम एंटी स्मॉग गन की संख्या बढ़ाने की तैयारी में है। वर्तमान व्यवस्था के तहत शहर में 15 एंटी स्मॉग गन का उपयोग किया जा रहा है। इसमें पांच आधुनिक एंटी स्मॉग गन और शामिल की जा रही हैं। इसके बाद इनकी संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी। आवश्यकता के अनुसार प्रदूषण और धूल प्रभावित क्षेत्रों में इनका इस्तेमाल किया जाएगा। विशेष रूप से निर्माण कार्य वाले क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों और ऐसे स्थानों पर जहां धूल के कण हवा में फैलने की संभावना अधिक रहती है, वहां एंटी स्मॉग गन के उपयोग को बढ़ाया जाएगा।

इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन के काम में आएगी तेजी
एयर क्वालिटी सुधार की कार्ययोजना में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत शहर में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन से संबंधित कार्यों में तेजी लाने की तैयारी है। नगर निगम का मानना है कि शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पर्याप्त चार्जिंग सुविधा उपलब्ध होने से स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा शहर के ऐसे स्थानों को भी चिन्हित किया जा रहा है जहां ट्रैफिक कंजेशन की समस्या अधिक है। लंबे समय तक वाहनों के जाम में खड़े रहने से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर इन स्थानों पर आवश्यक सुधार की योजना बनाई जा रही है।