सुरक्षित कैंपस की ओर बड़ा कदम: हरलाल स्कूल ऑफ लॉ में पॉश जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

-राष्ट्रीय महिला आयोग के कैंपस कॉलिंग कार्यक्रम में छात्रों को मिले कानूनी अधिकारों की जानकारी
– महिला सशक्तिकरण और शून्य-सहनशीलता का संदेश, प्रतिभागियों ने ली शपथ
– इंटरएक्टिव सत्रों से बढ़ी जागरूकता, युवा मंथन के सहयोग से सफल आयोजन

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। हरलाल स्कूल ऑफ लॉ में राष्ट्रीय महिला आयोग के ‘कैंपस कॉलिंग’ अभियान के अंतर्गत पॉश (यौन उत्पीडऩ निवारण) जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन युवा मंथन के सहयोग से किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के बीच सुरक्षित एवं सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देना रहा।
कार्यशाला में यौन उत्पीड़न की रोकथाम, महिलाओं के कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और नीतियों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को बताया गया कि कार्यस्थल और शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल कानून का पालन ही नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। इस दौरान पॉश अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों और उनके व्यावहारिक पहलुओं को सरल और प्रभावी तरीके से समझाया गया। कार्यक्रम के दौरान इंटरएक्टिव वीडियो और संवादात्मक सत्रों का आयोजन किया गया, जिससे छात्रों और संकाय सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हुई।

इन सत्रों ने प्रतिभागियों को न केवल जागरूक किया, बल्कि उन्हें महिला सशक्तिकरण और नैतिक आचरण को अपने जीवन में अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। छात्रों ने खुलकर अपने विचार साझा किए और विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय महिला आयोग और युवा मंथन के साथ मिलकर पॉश अधिनियम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए शपथ ली। इस शपथ के माध्यम से संस्थान में उत्पीडऩ के प्रति शून्य-सहनशीलता की भावना को और अधिक सशक्त किया गया। यह पहल छात्रों और शिक्षकों के बीच एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। कार्यक्रम की सफलता में राष्ट्रीय महिला आयोग के कैंपस एंबेसडर्स-वेदांश चतुर्वेदी, कन्हैया यादव, साक्षी ढाका, अरुणिका और मान्या घनसल का विशेष योगदान रहा। उन्होंने आयोजन की रूपरेखा तैयार करने और उसे सफलतापूर्वक संपन्न कराने में सक्रिय भूमिका निभाई।

इस कार्यशाला का समन्वय हरलाल स्कूल ऑफ लॉ की विभागाध्यक्ष श्रीमती रमा दत्त और फैकल्टी सदस्य श्री सार्थक आर्यन द्वारा किया गया, जो प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अमित सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। सभी ने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी और समय की मांग के अनुरूप बताया। कार्यक्रम के अंत में संस्थान की ओर से राष्ट्रीय महिला आयोग और युवा मंथन के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि छात्रों को सामाजिक और कानूनी विषयों के प्रति सजग बनाया जा सके। यह कार्यशाला न केवल छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक रही, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करने में भी सफल रही।