‘माय क्लीन सिटी’ के संकल्प के साथ नोएडा में भव्य स्वच्छता मेला, जागरूकता और सहभागिता का उत्सव

-नोएडा स्टेडियम में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और नागरिक जिम्मेदारी पर केंद्रित रहा आयोजन

उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करूणेश के निर्देशों के क्रम में ‘माय क्लीन सिटी’ पहल के अंतर्गत सोमवार को नोएडा स्टेडियम, सेक्टर-21ए में एक भव्य स्वच्छता मेले का आयोजन किया गया। इस मेले का उद्देश्य शहरवासियों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार के प्रति जागरूक करना रहा। नोएडा प्राधिकरण के सहयोग से एचसीएल फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया गया। स्वच्छता मेला प्रात: 9 बजे प्रारंभ हुआ और पूरे दिन उत्साह, जागरूकता और सहभागिता का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत ‘भांगड़ा डायनेस्टी समूह’ द्वारा प्रस्तुत ऊर्जावान नृत्य से हुई, जिसने उपस्थित लोगों में जोश भर दिया। इसके बाद एचसीएल फाउंडेशन के निदेशक आलोक वर्मा ने सभी अतिथियों और शहरवासियों का स्वागत करते हुए स्वच्छता मेले की अवधारणा और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।

एचसीएल टेक की वैश्विक कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व की वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. निधि पुंडीर ने कहा कि स्वच्छता मेले का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना और लोगों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि जब नागरिक स्वयं स्वच्छता को अपनी आदत और संस्कार बना लेते हैं, तभी किसी शहर की वास्तविक तस्वीर बदलती है। इसके उपरांत नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (जन स्वास्थ्य) एस.पी. सिंह ने नोएडा की स्वच्छता यात्रा पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतर्गत शहरों की रैंकिंग की जाती है। वर्ष 2018 में नोएडा की रैंक 324 थी, जिसे सुधारते हुए 2019 में 150वां स्थान प्राप्त किया गया और उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल हुआ। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष नोएडा को कचरा मुक्त शहर श्रेणी में तीन सितारा रैंकिंग और खुले में शौच मुक्त शहर श्रेणी में ओडीएफ प्लस-प्लस का दर्जा मिला।

उन्होंने बताया कि 2020 में नोएडा ने 25वीं रैंक प्राप्त की, जबकि 2021 में चौथा स्थान हासिल कर ‘स्वच्छ मध्यम शहर’ और ‘पांच सितारा कचरा मुक्त शहर’ का गौरव प्राप्त किया। निरंतर सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और कचरा प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के परिणामस्वरूप 2022 में नोएडा को ‘सर्वश्रेष्ठ आत्मनिर्भर शहर’ के रूप में चयनित किया गया। वर्ष 2023 में नोएडा पूरे उत्तर प्रदेश का एकमात्र ऐसा शहर बना, जिसे जल प्लस और पांच सितारा कचरा मुक्त शहर का प्रमाणन प्राप्त हुआ। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के अंतर्गत नोएडा को ‘गोल्डन सिटी अवार्ड’ से राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी ने शहर को स्वच्छ रखने और स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए सभी नागरिकों से सहयोग की अपील की। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, बैंड प्रस्तुतियों और स्वच्छता प्रदर्शनी में भाग लेने वाले कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन जनजागरण का सशक्त माध्यम बनते हैं। स्वच्छता मेले के दौरान स्वच्छता कर्मचारियों का अभिनंदन किया गया और ‘वेस्ट चैंपियन लीग’ के अंतर्गत ‘माय क्लीन सिटी वेस्ट चैंपियन’ प्रतियोगिता में भाग लेने वाले स्कूलों के प्रधानाचार्यों और विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

होली पब्लिक स्कूल द्वारा वन संरक्षण पर आधारित आदिवासी नृत्य की प्रस्तुति ने सभी को भावविभोर कर दिया। विशेषज्ञ संवाद सत्र में स्वच्छ सर्वेक्षण, व्यवहार परिवर्तन और कचरा प्रबंधन पर गहन चर्चा हुई। इसमें कॉर्पोरेट जगत की भूमिका, नागरिक सहभागिता, प्लास्टिक उपयोग में कमी, अपशिष्ट पृथक्करण और स्वच्छता शिक्षा को औपचारिक शिक्षा का हिस्सा बनाने जैसे विषयों पर विचार रखे गए। विभिन्न शिक्षण संस्थानों और संगठनों के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए स्वच्छता को स्थायी आंदोलन बनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में चैतन्य टेक्नो स्कूल द्वारा ‘कचरे से हरियाली’ विषय पर अर्धशास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति दी गई, जबकि जज्बा आर्ट फाउंडेशन ने ‘स्वच्छ भारत की ओर’ नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वच्छता का सशक्त संदेश दिया। अंत में सभी स्टॉलों, भागीदार संस्थाओं और सहयोगियों का अभिनंदन करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया गया। यह स्वच्छता मेला न केवल एक आयोजन रहा, बल्कि नोएडा को स्वच्छ, सुंदर और जागरूक शहर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ, जिसने यह संदेश दिया कि जब प्रशासन, संस्थाएं और नागरिक एक साथ आते हैं, तब स्वच्छता एक आंदोलन का रूप ले लेती है।