जेल की दीवारों के भीतर जगी नई उम्मीद, सुई-धागे से महिला बंदियां लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई कहानी

-इनर व्हील क्लब ऑफ नवीन ग्रेटर नोएडा की पहल, महिला बंदियों को मिला हुनर और सम्मानजनक भविष्य का सहारा
-कपड़े के थैले बनाकर प्लास्टिक मुक्त समाज का संदेश, बिक्री से महिला बंदियों को मिलेगा आर्थिक संबल
-एक थैला खरीदें, एक जीवन को नई उम्मीद दें, अभियान से पुनर्वास और महिला सशक्तिकरण को मिल रही नई दिशा

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। समाज में बदलाव केवल बड़े अभियानों से ही नहीं, बल्कि संवेदनशील सोच और छोटे-छोटे प्रयासों से भी संभव होता है। इसी सोच को साकार करते हुए इनर व्हील क्लब ऑफ नवीन ग्रेटर नोएडा, डिस्ट्रिक्ट-301 ने मंगलवार को महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सराहनीय पहल शुरू की है। गौतमबुद्धनगर जिला कारागार में संचालित इस विशेष परियोजना के माध्यम से महिला बंदियों को कपड़े के थैले बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल न केवल उन्हें एक नया रोजगारपरक कौशल प्रदान कर रही है, बल्कि आत्मविश्वास, स्वाभिमान और सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढऩे का अवसर भी उपलब्ध करा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य केवल महिला बंदियों को हस्तकला का प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और भविष्य में आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग प्रशस्त करना भी है। जेल में तैयार किए जा रहे पर्यावरण अनुकूल कपड़े के थैले आज सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहे हैं।

यह अभियान लोगों को प्लास्टिक के उपयोग से दूरी बनाने और कपड़े के थैलों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। क्लब की इस पहल के अंतर्गत तैयार किए जा रहे प्रत्येक कपड़े के थैले की कीमत मात्र 40 रुपये निर्धारित की गई है। इस थैले की खरीद केवल एक उत्पाद खरीदना नहीं, बल्कि महिला बंदियों के पुनर्वास और उनके बेहतर भविष्य में सहभागी बनना है। इस अभियान से प्राप्त होने वाली राशि महिला बंदियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके कौशल विकास को बढ़ावा देने में सहायक होगी। इनर व्हील क्लब का मानना है कि प्रत्येक महिला को जीवन में दूसरा अवसर मिलना चाहिए। परिस्थितियां चाहे जैसी भी रही हों, यदि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो कोई भी महिला आत्मनिर्भर बनकर सम्मानजनक जीवन जी सकती है। इसी सोच के साथ क्लब महिला बंदियों को ऐसा हुनर प्रदान कर रहा है, जिससे वे भविष्य में रोजगार प्राप्त कर अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। जेलों में इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम बंदियों के मानसिक और सामाजिक पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जब किसी व्यक्ति को अपनी मेहनत से आय अर्जित करने का अवसर मिलता है तो उसके भीतर आत्मविश्वास बढ़ता है और वह समाज में सम्मानपूर्वक लौटने के लिए प्रेरित होता है। महिला बंदियों के लिए यह पहल केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि नई शुरुआत का प्रतीक बन रही है। इस प्रेरणादायी अभियान का संचालन डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन श्रीमती दीपा गोयल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। क्लब की अध्यक्ष अंकिता सिंह और सचिव शैली गर्ग सहित सभी पदाधिकारी इस परियोजना को सफल बनाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इस सामाजिक अभियान से जोडऩा है, ताकि महिला बंदियों को निरंतर रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता रहे।

क्लब ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहभागी बनें और अधिक से अधिक कपड़े के थैले खरीदकर महिला बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहयोग करें। साथ ही प्लास्टिक का उपयोग कम कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। इनर व्हील क्लब का संदेश स्पष्ट है- ‘एक थैला खरीदें, एक जीवन को नई उम्मीद दें। यह पहल बताती है कि जब किसी महिला को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है तो वह केवल अपना जीवन ही नहीं बदलती, बल्कि अपने परिवार और पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाती है। महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ने वाली यह पहल समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभर रही है।