एक महीने में जांच पूरी करके मामले को निस्तारित करने का आदेश
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यमुना प्राधिकरण के उप महाप्रबंधक राजेंद्र भाटी को राज्य सरकार द्वारा निलंबित करने के आदेश पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की पीठ ने यह आदेश पारित किया। आदेश में कहा गया है कि एक महीने में जांच पूरी करके मामले को निस्तारित किया जाए।
याचिकाकर्ता राजेन्द्र भाटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे और उनके सहायक देवांश मिश्रा ने दलीलें प्रस्तुत कीं। राज्य की ओर से अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता मोनिका आर्या और यमुना प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता सैयद इम्तियाज अली ने पक्ष रखा। राजेंद्र भाटी को 18 सितंबर 2024 को उनके तबादले के आदेश का पालन न करने के आरोप में निलंबित किया गया था। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि भाटी को तबादले का आदेश मिला था, परंतु जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं, वहां से उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि आरोप यदि सत्य भी साबित हो, तो भी यह कोई बड़ा दंड देने का आधार नहीं बनता। अतः निलंबन आदेश गलत है।
दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निलंबन आदेश पर रोक लगाई। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को नियमित वेतन और सेवाएं बहाल रखी जाएंगी। याचिकाकर्ता को जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही जांच एक माह के भीतर पूरी करने का आदेश दिया गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश राज्य सरकार को तबादले का आदेश पारित करने से नहीं रोकता है और याचिकाकर्ता के पास इस पर आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार रहेगा।















