ठेकेदार को लेकर भाजपा पार्षद और निगम अधिकारी आमने-सामने

– ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के प्रयास पर विवाद

– नगरायुक्त ने कहा, नियमों के विपरीत जारी नहीं होगा वर्क ऑर्डर 

गाजियाबाद। ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के मामले में भाजपा पार्षद और नगर निगम अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। पार्षद का कहना है कि ठेकेदार को परफॉर्मेंस गारंटी की धनराशि जमा कराने के मामले में छूट दी जाए वही, निगम अधिकारियों का कहना है कि शासनादेश की अवहेलना कर ठेकेदार को अतिरिक्त लाभ पहुंचाना संभव नहीं है। दरअसल शहर में नगर निगम द्वारा 30 हॉर्स पावर क्षमता के 9 डीप-बोर नलकूप कांट्रेक्टर से लगवाए जाने पर भाजपा पार्षद और नगर निगम में ठनी है।
जलकल विभाग द्वारा कांट्रेक्टर से 98 लाख रुपए से ज्यादा की परफॉर्मेंस गारंटी की धनराशि जमा कराने पर इस प्रकरण में एकाएक नया मोड़ आ गया है। भाजपा पार्षद दल के नेता राजेंद्र त्यागी कांट्रेक्टर के पक्ष में खुलकर सामने आ गए हैं। पार्षद त्यागी ने इस संबंध में नगरायुक्त् महेंद्र सिंह तंवर को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि मैसर्स एसकेवी ट्रेडिंग कंपनी के मालिक कांट्रेक्टर सुनील त्यागी जल निगम के रेट से कम रेट पर 9 डीपबोर नलकूप लगाने को तैयार हैं, मगर ठेकेदार सुनील त्यागी को जलकल विभाग द्वारा 98 लाख 28 हजार 297 रुपए की परफॉर्मेंस गारंटी जमा कराने को पत्र भेजा गया है। जबकि ठेकेदार द्वारा धरोहर राशि के रूप में 21.50 लाख रुपए की एफडीआर जमा कराई गई है। पार्षद ने एफडीआर को परफारमेंस गारंटी में शामिल कर उसे वर्क ऑर्डर जारी करने की मांग की है। पार्षद त्यागी ने कुछ माह पहले जल निगम से महंगे रेट पर नलकूल लगवाने को लेकर घोटाला होने के आरोप नगर निगम पर लगाया था। बता दें कि नगर निगम द्वारा इन नलकूप को स्थापित कराने के लिए 3 मार्च को ई-टेंडर मांगे गए थे। इसके तहत नगर निगम के अनुमानित 44 लाख 12 हजार 254 रुपए प्रति नलकूप के सापेक्ष 29.75 प्रतिशत कम यानि बिलो टेंडर 30 लाख 98 हजार 608 रुपए प्रति नलकूप के टेंडर मै. एसकेवी ट्रेडिंग कंपनी के मालिक ठेकेदार सुनील त्यागी द्वारा डाला गया। कांट्रेक्टर ने ई-निविदा के समय धरोहर राशि के रूप में 21.50 लाख की एफडीआर नगर निगम में जमा कराई। ठेकेदार द्वारा बिलो रेट पर टेंडर डालने के कारण निगम के जलकल विभाग ने ठेकेदार से 98 लाख 28 हजार 297 रुपए की परफॉर्मेंस गारंटी जमा कराने का पत्र भेजा। मगर ठेकेदार द्वारा इसे जमा न कराकर एफडीआर की जमा धनराशि के आधार पर वर्क ऑर्डर जारी करने की मांग की जा रही है। जलकल विभाग के महाप्रबंधक योगेश श्रीवास्तव का कहना है कि विगत 8 जून 2012 के शासनादेश के तहत ठेकेदार से पहले परफॉर्मेंस गारंटी की धनराशि जमा कराने के बाद ही ठेकेदार को वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। ऐसे में इस मामले में पार्षद द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। बगैर परफॉर्मेंस गारंटी जमा कराए वर्क ऑर्डर दिया जाना संभव नहीं है।

MNA

वहीं, नगरायुक्त महेंद्र सिंह का कहना है कि पार्षद राजेंद्र त्यागी का पत्र मिला है। मगर जिस तरीके से आरोप लगाए जा रहे हैं, वह बेबुनियाद है। शासनादेश के तहत नियमों के विपरीत ठेकेदार को वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया जा सकता है।